Operation Hawkeye Strike: अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने सहयोगी बलों के साथ मिलकर सीरिया में आईएसआईएस (ISIS) के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया. यह कार्रवाई ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक के तहत की गई. सेंटकॉम ने बताया कि अमेरिकी समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे यह ऑपरेशन शुरू हुआ था.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) January 10, 2026
आतंकवाद मिटाने का संकल्प
सेंटकॉम के अनुसार, इन हमलों का मकसद आईएसआईएस (ISIS) को कमजोर करना, भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना और अमेरिकी व सहयोगी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था. यह अभियान अमेरिका की आतंकवाद के खिलाफ लगातार जारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है.
ट्रंप के आदेश पर शुरू हुआ ऑपरेशन
ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक 19 दिसंबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किया गया था. यह कदम 13 दिसंबर को सीरिया के पल्मायरा में आईएसआईएस द्वारा किए गए हमले के जवाब में उठाया गया था. उस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक की मौत हुई थी.
न्याय से बचना नामुमकिन
सेंटकॉम ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका का रुख साफ है अगर हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया तो हम अपराधियों को दुनिया में कहीं भी ढूंढ निकालेंगे और खत्म कर देंगे. एक रिपोर्ट के मुताबिक, मारे गए सैनिकों की पहचान आयोवा के डेस मोइन्स निवासी सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस टोवर (25) और मार्शलटाउन निवासी सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड (29) के रूप में हुई है.
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सैनिक पहले से तैनात
दोनों सैनिक आयोवा नेशनल गार्ड के सदस्य थे. इस साल की शुरुआत में अमेरिका ने ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व के तहत करीब 1,800 सैनिकों को मिडिल ईस्ट में तैनात किया था. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को हुए ऑपरेशन में 90 से अधिक सटीक हमले किए गए, जिनमें 35 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस अभियान में दो दर्जन से अधिक विमानों का इस्तेमाल किया गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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