Pakistan News: अफगानिस्तान सीमा पर तनाव के बीच डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सेना के साथ एक बड़ा हादसा हो गया है. अफगान ठिकानों पर गोलाबारी के दौरान पाकिस्तानी सेना की आर्टिलरी गन (तोप) खुद ही फट गई. इस भीषण हादसे में तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. बताया जा रहा है कि यह चीन में बनी 130mm टाइप 59-1 तोप थी, जिसकी घटिया गुणवत्ता ने पाक सेना की पोल खोलकर रख दी है.
डूरंड लाइन पर हुई यह घटना न केवल एक तकनीकी विफलता है, बल्कि पाकिस्तानी सेना की खस्ताहाली का जीता-जागता सबूत है. अफगानिस्तान और टीटीपी से भिड़ने का दावा करने वाली पाक सेना अपने ही चीनी हथियारों की वजह से खुद को नुकसान पहुंचा रही है.
डूरंड लाइन पर भड़की हिंसा और हादसा
अक्टूबर 2026 में कुर्रम जिले और अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत में डूरंड लाइन के पास दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी गोलीबारी शुरू हुई. अफगान बलों की तरफ से हुई फायरिंग के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने टॉपसर पोस्ट और शिपोला बेस कैंप पर तोपखाने से गोले दागना शुरू किया. इसी दौरान गोला दागते ही तोप का बैरल फट गया और अफगान सीमा पर तबाही मचाने चले पाकिस्तानी सैनिक खुद अपने ही हथियार का शिकार बन गए.
Chinese-Made Pakistani Artillery Gun Explodes While Firing Towards Afghanistan
During clashes along the Durand Line, a Pakistani Army artillery gun, believed to be a Chinese-made Type 59-1 130mm gun, exploded while firing shells towards Afghanistan. 3 Pakistani soldiers were killed and 2 others injured on the spot.
— OSint AFG (@AfghanOSINT0) October 18, 2026
चीनी हथियारों और रखरखाव की खुली पोल
इस हादसे के बाद सोशल मीडिया और सैन्य विश्लेषकों के बीच पाकिस्तानी सेना के सैन्य सामानों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. पाकिस्तान लंबे समय से चीन निर्मित पुराने और घटिया सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से सही रखरखाव न होना, खराब गोला-बारूद और बैरल में दबाव अत्यधिक बढ़ना इस धमाके की मुख्य वजह बनी.
कंगाली और बदहाली में फंसी पाक सेना
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बेहद खस्ताहाल है, जिसके कारण सेना के पास नए और आधुनिक हथियार खरीदने या पुराने उपकरणों की ओवरहॉलिंग कराने के लिए फंड नहीं है. कंगाली के इस दौर में सेना जंग के मैदान में पुराने और जर्जर हथियारों पर निर्भर है, जिससे सैनिकों की जान जोखिम में पड़ रही है. जो देश अपनी ही सीमा पर अपनी तोपें नहीं संभाल पा रहा, उसका यह हाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी भारी फजीहत करा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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