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PM Modi Mauritius Visit: पीएम मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति को भेंट किया महाकुंभ का पवित्र संगम जल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल को महाकुंभ 2025 का पवित्र संगम जल भेंट किया.

PM Modi Sangam Water

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल को महाकुंभ का पवित्र संगम जल भेंट किया. यह जल पारंपरिक पीतल और तांबे के कलश में रखा गया था. यह भेंट भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मित्रता का प्रतीक है.

पीएम मोदी 11-12 मार्च तक आधिकारिक दौरे पर मॉरीशस में हैं. अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा आयोजित विशेष दोपहर भोज में भाग लिया. इसके अलावा, पीएम मोदी ने मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री सर शिवसागर रामगुलाम और पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की. यह कार्यक्रम पाम्पलेमूस में स्थित सर शिवसागर रामगुलाम बॉटनिकल गार्डन में हुआ.

आध्यात्मिक संगम का भव्य समापन

इस वर्ष प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन हुआ, जिसका समापन महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर हुआ. यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का संगम बना. कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन माना जाता है. इसमें करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के संगम में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाने और मोक्ष की प्राप्ति की कामना करते हैं.

महाकुंभ हरिद्वार, उज्जैन, नासिक और प्रयागराज में आयोजित किया जाता है. यह चारों स्थान पवित्र नदियों – गंगा, शिप्रा, गोदावरी और त्रिवेणी संगम के किनारे स्थित हैं. इस वर्ष प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान 45 दिनों में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, लेकिन महज एक महीने में यह संख्या 66 करोड़ को पार कर गई.


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शाही स्नान इस आयोजन का सबसे प्रमुख अनुष्ठान होता है. इसमें लाखों श्रद्धालु और साधु-संत त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर मोक्ष की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं. विशेष तिथियों जैसे पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर संतों और अखाड़ों की भव्य शोभायात्रा के साथ महाकुंभ की शुरुआत हुई.

पीतल और तांबे के कलश का महत्व

पीएम मोदी ने जो संगम जल भेंट किया, वह पारंपरिक पीतल और तांबे के कलश में रखा गया था. हिंदू धर्म में इन धातुओं का विशेष महत्व है. मान्यता है कि तांबे या पीतल के पात्र में रखा गंगाजल शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है. इस कलश में संगम जल भेंट कर पीएम मोदी ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को मॉरीशस के साथ साझा किया.

-भारत एक्सप्रेस



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