PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इजराइल पहुंचे तो प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. उन्हें स्पेशल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद पीएम मोदी सीधे इजराइली संसद पहुंचे और वहां अपने संबोधन की शुरुआत भारत की ओर से शुभकामनाएं देकर की. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है क्योंकि नौ साल पहले वे इजराइल जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे और अब फिर से यहां आना उनके लिए बेहद खास है.
हमास हमले पर संवेदना
पीएम ने अपने भाषण में सबसे पहले 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत उन सभी परिवारों के दुख में शामिल है जिनकी जिंदगी उस आतंकी हमले से तबाह हो गई. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत हर हाल में इजराइल के साथ मजबूती से खड़ा है.
आतंकवाद पर सख्त रुख
पीएम मोदी ने कहा कि निर्दोषों की हत्या को कोई भी सही नहीं ठहरा सकता. आतंकवाद को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने भी 26/11 मुंबई हमले का दर्द झेला है जिसमें इजराइली नागरिक भी मारे गए थे. उन्होंने ने साफ कहा कि भारत और इजराइल दोनों की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और इसमें कोई दोहरा रवैया नहीं है.
वैश्विक कार्रवाई की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद का मकसद समाज को अस्थिर करना और विकास को रोकना है. इसलिए दुनिया को मिलकर लगातार कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो शांति और स्थिरता को मजबूत करते हैं.
होलोकॉस्ट और भारत का योगदान
पीएम मोदी ने इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेम्बरेंस डे का जिक्र करते हुए कहा कि यह इंसानियत के सबसे काले अध्यायों में से एक है. उन्होंने गुजरात के नवानगर के महाराजा जाम साहेब का उदाहरण दिया जिन्होंने पोलिश और यहूदी बच्चों को शरण दी थी.
ट्रेड और निवेश पर जोर
अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि भारत और इजराइल ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल साइन हुई बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी से बिजनेस को भरोसा और स्थिरता मिलेगी. उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं और इजराइल के साथ भी बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत चल रही है.
स्टार्टअप और इनोवेशन
पीएम मोदी ने इजराइल को स्टार्टअप नेशन बताते हुए कहा कि भारत भी युवाओं की क्रिएटिविटी को सामने लाने के लिए काम कर रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि 2018 में उन्होंने और नेतन्याहू ने भारत में I-Create टेक बिजनेस इनक्यूबेटर का उद्घाटन किया था, जिसने अब तक 900 स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया है. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा AI इम्पैक्ट समिट आयोजित किया जिसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
सभ्यता और दर्शन की समानता
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल दोनों पुरानी सभ्यताएं हैं और दोनों की परंपराओं में समान दर्शन दिखता है. उन्होंने इजराइल के टिक्कुन ओलम और भारत के वसुधैव कुटुंबकम का उदाहरण दिया. दोनों विचार दुनिया को परिवार मानते हैं और जिम्मेदारी को सीमाओं से आगे ले जाते हैं.
गाजा शांति पहल का समर्थन
पीएम मोदी ने कहा कि भारत गाजा पीस इनिशिएटिव का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि यह पहल इलाके के सभी लोगों के लिए टिकाऊ शांति का वादा करती है और इसमें फिलिस्तीन मुद्दे का समाधान भी शामिल है. उन्होंने कहा कि सभी कोशिशें समझदारी, साहस और इंसानियत से चलनी चाहिए.
योग और ऐतिहासिक रिश्ते
इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि इजराइल ने रेगिस्तान में करिश्मा किया है और भारत इजराइली युवाओं का स्वागत करता है. उन्होंने बताया कि इजराइल में योग का प्रभाव बढ़ रहा है और घर-घर योग हो रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल का रिश्ता खून और कुर्बानी से भी जुड़ा है क्योंकि पहले विश्व युद्ध में 4,000 से ज्यादा भारतीय सैनिकों ने इस इलाके में अपनी जान दी थी.
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भारत की आर्थिक ताकत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही टॉप तीन इकॉनमी में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि भारत ने कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं और टीमें इजराइल के साथ बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम कर रही हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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