PM Modi in New Zealand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ एक बेहद उच्च स्तरीय खेल और बिजनेस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए भारत की आर्थिक ताकत का लोहा मनवाया है. दुनिया भर के प्रमुख व्यापारिक दिग्गजों और खेल जगत की हस्तियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से हुंकार भरी कि भारत आज सिर्फ एक बाजार नहीं है बल्कि वह वैश्विक विकास के लिए एक मजबूत लॉन्च पैड बन चुका है.
उन्होंने कहा कि वह न्यूजीलैंड की धरती पर भारत के 140 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं का संदेश लेकर आए हैं. दोनों देशों के संबंध आज एक ऐतिहासिक टर्निंग प्वाइंट पर हैं और रणनीतिक साझेदारी के इस नए संकल्प से दोनों देशों का भविष्य बदलने जा रहा है.
At the India-New Zealand business event in Auckland, which I attended with PM Luxon, I told business leaders:
India is not only a market.
India is a launchpad for global growth.
Together, let us take this economic partnership to new heights!@chrisluxonmp pic.twitter.com/8M53Lx47zh
— Narendra Modi (@narendramodi) July 11, 2026
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य(PM Modi New Zealand Visit)
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों की रफ्तार को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत और न्यूजीलैंड ने महज 9 महीनों के रिकॉर्ड समय में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अमलीजामा पहनाया है. यह ऐतिहासिक समझौता निवेशकों के लिए बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाएं, तकनीक और प्रतिभा गतिशीलता के असीमित अवसर लेकर आएगा.
पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि दोनों देश नए जोश के साथ काम करते हुए साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर देंगे. इसके अलावा, न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 सालों में भारत में 20 बिलियन डॉलर के भारी-भरकम निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है, जो भारत की विकास यात्रा में उनकी गहरी सहभागिता को दर्शाती है.
PLI योजना के तहत निवेश का खुला आमंत्रण
अपने कड़क संबोधन में पीएम मोदी ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत मध्यम वर्ग और डिजिटल क्रांति इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं. भारत में शासन का आधार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ है, जिसके चलते देश में नीतिगत और राजनीतिक स्थिरता के साथ विकास की निरंतरता बनी हुई है.
उन्होंने व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) योजना का उदाहरण देते हुए बताया कि खाद्य प्रसंस्करण से लेकर टेक्सटाइल तक, 14 प्रमुख क्षेत्रों में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता दी जा रही है. उन्होंने न्यूजीलैंड की कंपनियों को भारत के इस मैन्युफैक्चरिंग अभियान का हिस्सा बनने के लिए खुले दिल से आमंत्रित किया.
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फिनटेक में दिखेगा दोनों देशों का दम
भविष्य के सहयोग पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है, जहां कार्गो कॉरिडोर और फ्लाइट कनेक्टिविटी बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं. न्यूजीलैंड के पास बागवानी, डेयरी और वन विज्ञान की विशेषज्ञता है, जबकि भारत के पास विशाल कंज्यूमर मार्केट और एग्रीटेक टैलेंट की ताकत है, जिससे मिलकर ‘फार्म टू मार्केट’ ग्लोबल वैल्यू चेन बनाई जा सकती है.
इसके अलावा, दुनिया के 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट के साथ भारत फिनटेक में ग्लोबल लीडर है. अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोले जाने के बाद भारत में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं, जो छोटे उपग्रहों और महासागर की निगरानी में न्यूजीलैंड के साथ मिलकर बड़े और क्रांतिकारी काम कर सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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