कनाडा के कनैनिस्किस में आयोजित 51वें G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की बढ़ती वैश्विक साख स्पष्ट रूप से दिखाई दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तक कई विश्व नेताओं से खुलकर मुलाकातों ने इस बात को और मजबूत किया.
अपने विशिष्ट आत्मविश्वास और गर्मजोशी से भरे अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के इतर दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष नेताओं के साथ व्यापक वार्ताएं कीं.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग के साथ उनकी बातचीत में वाणिज्य, निवेश, तकनीक, हरित हाइड्रोजन और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई.
यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी पीएम मोदी की उपयोगी बातचीत हुई, जिसमें विभिन्न वैश्विक मसलों पर विचार साझा किए गए. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से भी उन्होंने द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने पर विचार किया.
“Melodi Moment” के सोशल मीडिया पर चर्चे
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रही, जिसे लोग “Melodi” पल कहकर याद कर रहे हैं. पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत-इटली मित्रता और सशक्त होगी, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को लाभ होगा.
सम्मेलन में भाग लेने पर पीएम मोदी का कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आत्मीय स्वागत किया. प्रधानमंत्री की ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ भी महत्वपूर्ण वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की बात सामने आई.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बातचीत को पीएम मोदी ने हमेशा की तरह सौहार्दपूर्ण बताया और कहा कि भारत-फ्रांस वैश्विक कल्याण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ बैठक में पीएम मोदी ने बताया कि भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को 25 साल पूरे हो रहे हैं. उन्होंने आईटी, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे क्षेत्रों में रिश्तों को और गहरा करने पर चर्चा की.
मेक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति से मुलाकात
मेक्सिको की नई राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम से हुई मुलाकात को भी पीएम मोदी ने बेहद सकारात्मक बताया. उन्होंने उन्हें पहली महिला राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी और कृषि, खनिज, अर्धचालक और स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग बढ़ाने की बात की.
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ मुलाकातों में भी द्विपक्षीय हितों और वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इन मुलाकातों में व्यापार, नवाचार, हरित हाइड्रोजन, संस्कृति, और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिससे यह स्पष्ट है कि भारत वैश्विक मंचों पर एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है. यह शिखर सम्मेलन भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और दक्षिणी गोलार्ध की प्राथमिकताओं को विश्व पटल पर प्रभावी रूप से रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ.
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