Urdu Conclave 2026

पाक सेना के काबू से बाहर होने वाला है PoJK, अवामी एक्शन कमेटी ने 15 जुलाई को मार्च का किया ऐलान

POJK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई 2026 को POJK के मुजफ्फराबाद तक मार्च का ऐलान किया है. JAAC ने पाकिस्तान सरकार को अल्टीमेटम दिया था, लेकिन जब उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया.

POJK Protest

POJK Protest

POJK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी POJK में एक बार फिर बड़े आंदोलन की आहट सुनाई दे रही है. सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई 2026 को POJK के मुजफ्फराबाद तक मार्च का ऐलान किया है.

JAAC ने पाकिस्तान सरकार को अल्टीमेटम दिया था, लेकिन जब उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, तब एक्शन कमेटी ने यह फैसला लिया. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी लंबे समय से गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई, सुरक्षाबलों की कार्रवाई रोकने और पहले से स्वीकार किए गए मांगपत्र को लागू करने की मांग कर रही है.

15 जुलाई को मुजफ्फराबाद के लिए होंगे रवाना

कमेटी ने कहा है कि अगर उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 जुलाई को पीओके के अलग-अलग जिलों से हजारों लोग मुजफ्फराबाद के लिए रवाना होंगे. रावलाकोट, मीरपुर, कोटली, बाग और आसपास के इलाकों से बड़े काफिलों के मार्च में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.

JAAC ने यह भी चेतावनी दी है कि 14 जुलाई के बाद आंदोलन केवल उसके मौजूदा 38 सूत्रीय मांगपत्र तक सीमित नहीं रहेगा. संगठन के इस बयान के बाद यह माना जा रहा है कि POJK में एक बार फिर बड़ा आंदोलन हो सकता है.

38 सूत्रीय मांगपत्र को लागू करने की मांग

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की प्रमुख मांगों में गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा करना, सुरक्षा कार्रवाई समाप्त करना, इंटरनेट और दूसरी संचार सेवाओं को बहाल करना और पहले से तय 38 सूत्रीय मांगपत्र को लागू करना शामिल है.

इसके अलावा संगठन बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शासन व्यवस्था में सुधार और आम लोगों को बिजली, खाद्य सामग्री तथा जरूरी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने की भी मांग कर रहा है.

15 जुलाई का प्रस्तावित मार्च मौजूदा आंदोलन का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन साबित हो सकता है. बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने से पीओके के कई इलाकों में बाजार बंद रहने, यातायात प्रभावित होने और सामान्य जनजीवन ठप पड़ने की आशंका है.

मुजफ्फराबाद के आसपास की व्यवस्था की गई कड़ी

बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी प्रशासन ने मुजफ्फराबाद और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. प्रमुख सड़कों, प्रवेश मार्गों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए जाने की खबरें हैं.

ये भी पढ़ें- महिला आरक्षण बिल पर ‘इंडिया’ गठबंधन देगी साथ? मानसून सत्र से पहले बिछने लगी राजनीतिक बिसात

ऐसी आशंका है कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों को मुजफ्फराबाद पहुंचने से रोकने की कोशिश कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read