Portugal firing case viral post
Portugal firing case viral post: पुर्तगाल के सिदादे नोवा (ओदिवेलाश) इलाके में भारतीय मूल के कारोबारी किशोर गुजराती पर हुई गोलीबारी ने अब एक नया और खौफनाक मोड़ ले लिया है. इस वारदात के बाद सोशल मीडिया पर एक धमकी भरा वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हमले की जिम्मेदारी लेते हुए खुलेआम मौत की धमकी दी गई है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है.
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी और खौफनाक धमकी
फायरिंग की इस घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर ‘राहुल आरके मीणा’ नाम के एक अकाउंट से पोस्ट शेयर किया गया. इस पोस्ट में न सिर्फ किशोर गुजराती पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली गई, बल्कि एक वीडियो भी जारी किया गया जिसमें एक शख्स पर गोलियां चलाते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो इसी वारदात का है.
वायरल पोस्ट में बेहद आक्रामक लहजे में लिखा गया “हमारे मैसेज को नजरअंदाज करना मौत को न्योता देने के बराबर है. जिन लोगों को पहले फोन कॉल किए गए हैं, वो तैयार रहें क्योंकि उनके शरीर में भी कभी भी गोलियां दागी जा सकती हैं. मौका मिलते ही हमला किया जाएगा और हिसाब दिमाग से होगा। दुनिया में जहां जाओगे, वहीं मार देंगे.”
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और गैंग्स का कनेक्शन
इस वायरल पोस्ट ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं क्योंकि इसमें सुनील मीणा गैंग, अमन साहू गैंग, नरेश अबोहर और अर्चित छपराना समेत कई कुख्यात गैंग्स और लोगों के नामों का जिक्र किया गया है. पोस्ट में दावा किया गया है कि इन गैंग्स का नेटवर्क अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में फैल चुका है. जानकारों के मुताबिक, यह संभवतः पहली बार है जब उत्तर भारत के किसी कथित गैंगस्टर (राहुल आरके मीणा) ने विदेशी धरती पर हुई गोलीबारी का वीडियो खुद सोशल मीडिया पर जारी कर दहशत फैलाने की कोशिश की है.
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जांच में जुटी एजेंसियां, उठ रहे गंभीर सवाल
फिलहाल, पुर्तगाल पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं. डिजिटल फॉरेंसिक टीम वायरल वीडियो और सोशल मीडिया अकाउंट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस पोस्ट का जमीनी हकीकत से कोई सीधा संबंध है या यह सिर्फ अफवाह है. इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे भारतीय मूल के गैंगस्टरों के नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ जिम्मेदारी लेने के लिए किया गया या इसके पीछे व्यापारियों में जबरन वसूली का डर पैदा करना मुख्य मकसद था? इन सभी सवालों के पुख्ता जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे.
भारत एक्सप्रेस
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