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पीएम मोदी ने दिया ‘COP33’ की मेजबानी करने का प्रस्ताव, बोले- वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 4 फीसदी से भी कम भारत का योगदान

COP28 शिखर सम्मेलन के लिए शुक्रवार को दुबई पहुंचे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह स्थायी भविष्य के लिए सार्थक संवाद और सहयोग की आशा कर रहे हैं.

पीएम मोदी

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PM Modi In Dubai: दुबई में COP28 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने 2028 में COP33 की मेजबानी करने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 4 प्रतिशत से भी कम योगदान देता है. उन्होंने कहा कि भारत ने पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच बेहतरीन संतुलन बनाते हुए दुनिया के सामने विकास का एक मॉडल पेश किया है.

COP28 शिखर सम्मेलन के लिए शुक्रवार को दुबई पहुंचे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह स्थायी भविष्य के लिए सार्थक संवाद और सहयोग की आशा कर रहे हैं. कार्यक्रम स्थल पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया.

मार्क रुटे से पीएम मोदी की मुलाकात

पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रुटे से मुलाकात की. PM मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “नीदरलैंड के अपने मित्र मार्क रुटे के साथ विचारों का आदान-प्रदान करना हमेशा ताज़गी भरा होता है. बता दें कि दुबई पहुंचने के बाद पीएम मोदी, वहां की जानकारी अपने एक्स अकाउंट पर शेयर कर रहे हैं. पीएम मोदी ने अपने एक एक्स पोस्ट में कहा कि शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से मिलना सौभाग्य की बात थी. विभिन्न मुद्दों पर उनका दूरदर्शी नेतृत्व वास्तव में सराहनीय है.

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30 से 12 दिसंबर तक चलेगी शिखर वार्ता

बता दें कि धरती पर जलवायु संकट से निपटने के लिए हर साल COP की बैठक होती है. इस साल इस बैठक की मेजबानी UAE कर रहा है. 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक यह शिखर वार्ता चलेगी. इसमें शामिल होने के लिए पीएम मोदी भी दुबई पहुंच चुके हैं. जलवायु संकट पर शिखर वार्ता का दूसरा दिन बेहद खास होने वाला है.

बता दें कि 2020 की बैठक में तय हुआ था कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए विकासशील देश 100 अरब डॉलर प्रतिवर्ष सहायता के तौर पर मुहैया कराएगा, लेकिन यह रकम अभी तक जमा नहीं हो पाया है. COP28 संयुक्त राष्ट्र की जलवायु के मुद्दे पर 28 वीं बैठक है. यह हर साल होता है और जलवायु परिवर्तन पर दुनिया का एकमात्र बहुपक्षीय निर्णय लेने वाला मंच है, जिसमें दुनिया के हर देश की लगभग पूर्ण सदस्यता है.

 

-भारत एक्सप्रेस



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