दुनिया भर में गहराते तेल और ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है. भारत के पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेगा और भारत को होने वाली ऊर्जा सप्लाई में कोई कमी नहीं आने देगा. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपनी दिल्ली यात्रा और ब्रिक्स (BRICS) बैठक से ठीक पहले एक इंटरव्यू में यह भरोसा दिलाया है.
सर्गेई लावरोव ने कहा कि वर्तमान में दुनिया में जो ‘अनुचित और बेईमान’ प्रतिस्पर्धा चल रही है, उसका असर भारत और रूस के व्यापार पर नहीं पड़ेगा. उन्होंने गारंटी देते हुए कहा,
“रूस यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के हितों को कोई नुकसान न पहुंचे. हम तेल, गैस और कोयले जैसे जरूरी संसाधनों की सप्लाई जारी रखेंगे.”
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच हुए सभी समझौतों को हर हाल में पूरा किया जाएगा.
पीएम मोदी की जमकर तारीफ
रूसी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी जमकर सराहना की. उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया के सबसे ऊर्जावान नेताओं में से एक बताया. लावरोव ने कहा कि मोदी भारत की संप्रभुता और सभ्यतागत विरासत को मजबूत करने के लिए बेहतरीन काम कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी की ऊर्जा का असर भारत की अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षेत्र में साफ दिखाई देता है, जिससे भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहा है.
कुडनकुलम और परमाणु सहयोग
लावरोव ने तमिलनाडु में रूस की मदद से बन रहे कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र का भी जिक्र किया. उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग की एक मिसाल बताया. लावरोव ने कहा कि यह प्लांट भारत की बिजली जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है और 2027 तक इसके पूरी क्षमता से काम शुरू करने की उम्मीद है. रूस भविष्य में भी भारत को सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा देने के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर काम करता रहेगा.
‘हिंदी-रूसी भाई-भाई’ का रिश्ता
भारत और रूस के सांस्कृतिक रिश्तों पर बात करते हुए लावरोव भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि ‘हिंदी-रूसी भाई-भाई’ केवल एक पुराना नारा नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के लोगों के दिलों में बसता है. उन्होंने राज कपूर और भारतीय सिनेमा की रूस में लोकप्रियता का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे बीच दोस्ती की बुनियाद इतनी मजबूत है कि कोई भी बाहरी ताकत इसे तोड़ नहीं सकती.
पश्चिमी देशों को रूस का संदेश
लावरोव का यह बयान उन देशों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है जो रूस पर प्रतिबंध लगाकर भारत के साथ उसके व्यापारिक रिश्तों को कमजोर करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें अपने नियम थोपना चाहती हैं, लेकिन भारत और रूस जैसे समझदार दोस्त इन चालों को अच्छी तरह समझते हैं. ब्रिक्स बैठक के दौरान लावरोव भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.
यह भी पढ़ें: प्रतीक यादव के साथ बेडरूम में रात 2 बजे क्या हुआ? जिम पार्टनर का वो दावा जिसने पलट डाली अस्पताल की थ्योरी
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


