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रूस ने यूक्रेन पर किया भीषण हमला, 14 से अधिक की मौत, ट्रंप के बयान के बाद हमले तेज

रूस ने यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र पर भीषण हमला किया, जिसमें 14 से अधिक लोग मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हुए. ट्रंप के पुतिन समर्थन और अमेरिकी मदद रोकने के बाद रूस के हमले और तेज हो गए हैं.

Russia Attacked Ukraine

शनिवार को रूस ने यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में भीषण हमला किया. दो बैलिस्टिक मिसाइलें डोब्रोपिलिया शहर के बीचों-बीच गिरीं, जिससे एक पांच मंजिला इमारत में आग लग गई. जब राहत दल मौके पर पहुंचे, तो रूस ने दोबारा हमला किया. इस हमले में 14 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक घायल हुए, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं.

रूस ने अमेरिकी सहायता रुकने का फायदा उठाकर कई बड़े हमले किए हैं. रूसी और उत्तर कोरियाई सैनिकों ने कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी रक्षा पंक्ति को तोड़ दिया. खबरें हैं कि रूस ने यूक्रेन के कब्जे वाले तीन गांवों पर फिर से नियंत्रण पा लिया है. यूक्रेनी सैनिकों के लिए रसद सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है.

यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे “रूसी सेना की अमानवीय और डराने-धमकाने की रणनीति” बताया.

ट्रंप के बयान के बाद रूस के हमले बढ़े

इस हमले से कुछ ही घंटे पहले, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन का बचाव किया था. ट्रंप ने कहा था कि “पुतिन की जगह कोई भी होता, तो वही करता.”

ट्रंप की नीतियों के कारण यूक्रेन के लिए स्थिति और खराब हो गई है. उन्होंने यूक्रेन को खुफिया जानकारी देना बंद कर दिया है और अमेरिकी हथियारों की सप्लाई रोक दी है. इससे यूक्रेन की मिसाइल अलार्म प्रणाली कमजोर हो गई है.

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुतिन अमेरिका की सहायता रोकने का फायदा उठा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि यूक्रेन को “भारी हमले” का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन उन्होंने इसे रूस की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया.

यूरोप में नाराजगी, पुतिन पर और प्रतिबंध लगाने की मांग

ट्रंप के बयान और रूस के बढ़ते हमलों पर यूरोपीय नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा, “जब कोई बर्बर लोगों को तुष्ट करता है, तो ऐसा ही होता है.”

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने कहा कि यह हमला दिखाता है कि पुतिन को शांति में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने यूक्रेन की सैन्य मदद बढ़ाने की अपील की.

जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोप से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की है, ताकि उसकी युद्ध अर्थव्यवस्था कमजोर हो सके. जेलेंस्की ट्रंप के साथ अपने संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने शांति योजना का प्रस्ताव रखा है, जिसमें युद्धविराम और अमेरिका के साथ खनिज समझौता शामिल है. लेकिन अब तक ट्रंप ने रूस पर कोई दबाव नहीं बनाया है.


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-भारत एक्सप्रेस



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