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SCO Summit 2025: समिट से पहले बोले पुतिन, ‘सबसे बेहतर दौर में रूस-चीन संबंध, ब्रिक्स को मजबूत करने पर कर रहे काम’

पुतिन ने सिन्हुआ एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर राय रखी. पुतिन ने कहा कि रूस ब्रिक्स के अंतर्गत चीन के साथ मिलकर काम कर रहा है.

SCO Summit 2025

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन समिट (SCO Summit 2025) से ठीक पहले एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि चीन और रूस ब्रिक्स को मजबूत करने और दुनिया को ‘नए विकल्प’ प्रदान करने के लिए मिलजुलकर काम कर रहे हैं.

पुतिन ने सिन्हुआ एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर राय रखी. पुतिन ने कहा कि रूस ब्रिक्स के अंतर्गत चीन के साथ मिलकर काम कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्ष सदस्य देशों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से पहलों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी के लिए साझा मंचों का निर्माण भी शामिल है.

भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ एक जैसा नजरिया

रूसी राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक में सुधार को पूरा समर्थन देने की बात दोहराई और “सच्ची समानता” और सभी देशों के लिए समान पहुंच पर आधारित एक “नई वित्तीय प्रणाली” का आह्वान किया. रूसी राष्ट्रपति ने वित्तीय साधनों के इस्तेमाल को “नव-उपनिवेशवाद” का एक रूप बताते हुए इसकी आलोचना की और कहा कि ब्रिक्स “वैश्विक बहुमत” को लाभ पहुंचाने वाली समावेशी प्रगति चाहता है.

उन्होंने कहा कि दोनों देश महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए ब्रिक्स की क्षमता को मजबूत करने के लिए एकजुट हैं.

राष्ट्रपति पुतिन ने आगे कहा कि वे ब्रिक्स सदस्यों और समग्र विश्व के सामाजिक-आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों के खिलाफ एक जैसा नजरिया रखते हैं.

2021 से दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर बढ़ा

इस लिखित साक्षात्कार में पुतिन ने चीन-रूस के संबंधों को बहुत अहम बताया. उन्होंने कहा कि 2021 से दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 100 अरब डॉलर बढ़ चुका है. चीन अब रूस का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. उन्होंने यह भी बताया कि अब दोनों देशों के बीच ज्यादातर लेन-देन रूबल और युआन में होता है. पुतिन ने यह भी कहा कि चीन, रूस से तेल और गैस का सबसे बड़ा खरीदार है और दोनों देश मिलकर व्यापार की बाधाओं को कम करने पर काम कर रहे हैं.

पुतिन को उम्मीद है कि इस बार की समिट एससीओ को नई ताकत देगा, ताकि सदस्य देश मौजूदा खतरों और चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकें.


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-भारत एक्सप्रेस



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