White House Shooting: वॉशिंगटन डीसी में शनिवार शाम अचानक गोलियों की आवाज गूंजी और व्हाइट हाउस के बाहर हड़कंप मच गया. हमलावरों ने करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग की. उस समय राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ईरान से जुड़े मुद्दों पर अहम बैठक कर रहे थे.
सीक्रेट सर्विस की कार्रवाई
फायरिंग के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया. जवाबी कार्रवाई में दो संदिग्धों को गोली लगी. इनमें से एक हमलावर की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल होकर अस्पताल पहुंचाया गया. मृत हमलावर की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश कर रहे थे.
राहगीर भी घायल
गोलियों की बौछार के दौरान एक राहगीर भी जख्मी हो गया. घटना पेंसिल्वेनिया एवेन्यू और 17वीं स्ट्रीट नॉर्थ वेस्ट के पास हुई, जो व्हाइट हाउस परिसर के ठीक बाहर का इलाका है. इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हमलावरों का इस तरह हमला करना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
पहले भी हुई थी घटना
करीब एक महीने पहले 26 अप्रैल को व्हाइट हाउस में कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान भी गोलीबारी हुई थी. उस वक्त फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और राष्ट्रपति ट्रंप को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था. कार्यक्रम में मौजूद लोग टेबलों के नीचे छिप गए थे.
#WATCH | US President Donald Trump and First Lady Melania Trump rushed out of the White House Correspondents' Dinner after shots were reportedly fired at the event.
(Source: Unrestricted Pool via Reuters) pic.twitter.com/Ulm93FCTM1
— ANI (@ANI) April 26, 2026
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बार-बार चूक क्यों?
दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिनमें गोलीबारी के दौरान मची अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है. लगातार ट्रंप को निशाना बनाए जाने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उनकी सुरक्षा में बार-बार चूक क्यों हो रही है? गनीमत रही कि इन हमलों में ट्रंप सुरक्षित रहे लेकिन सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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