BLA Rebels Control Gwadar Quetta: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं. बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चुन-चुनकर हमले शुरू कर दिए हैं. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) का दावा है कि उन्होंने सूबे के लगभग 85 फीसदी हिस्से से पाकिस्तानी हुकूमत को उखाड़ फेंका है. बलूच लड़ाकों ने कई इलाकों में अपना झंडा फहरा दिया है और खुद की सरकार, झंडे तथा संविधान का ऐलान कर दिया है.
पाकिस्तानी सेना पस्त
बलूच विद्रोहियों ने छापामार रणनीति से आगे बढ़कर अब सीधे फौजी अड्डों, काफिलों और चेकपोस्टों पर कब्जा करना शुरू कर दिया है. अफगानिस्तान सीमा से लगे कई रणनीतिक इलाकों से पाकिस्तानी सेना पीछे हटने पर मजबूर हो गई है. BLF के दावों के मुताबिक, खुजदार, तुर्बत और दलबंदीन समेत कई जिलों में हुए 48 से ज्यादा हमलों में 35 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. क्वेटा, ग्वादर, नोश्की और केच जैसे प्रमुख 12 जिले अब पूरी तरह विद्रोहियों के नियंत्रण में बताए जा रहे हैं.
चीन की बढ़ी टेंशन
बलूचिस्तान में बिगड़ते हालातों ने बीजिंग की रातों की नींद हराम कर दी है. यह पूरा इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का दिल माना जाता है. ग्वादर पोर्ट और रेको डिक जैसे अरबों डॉलर के माइनिंग प्रोजेक्ट्स इसी क्षेत्र में आते हैं. BLA ने क्वेटा-ताफ्तान हाईवे को ब्लॉक कर पाकिस्तान की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है. हाईवे से गुजरने वाली गाड़ियों को आग के हवाले किया जा रहा है, जिससे खदानों से तांबा, सोना और गैस निकालने का काम ठप पड़ गया है.
अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान के हाथ से निकलता है, तो इससे न सिर्फ मुनीर की सेना का वजूद खतरे में पड़ेगा, बल्कि चीन के अरबों डॉलर के CPEC प्रोजेक्ट का भविष्य भी हमेशा के लिए डूब जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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