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Explainer: लड़ाई भी, जुदाई भी नहीं; टैरिफ की तलवार के बीच ट्रंप की गर्मजोशी के क्या मायने?

Xi Jinping US Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिन के अमेरिका दौरे पर हैं. इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है.

Xi Jinping's visit to the US

शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा

Xi Jinping US Visit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक तीन दिन के अमेरिका दौरे पर हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचेंगे, इसी वजह से यह दौरा सुर्खियों में है. अमेरिका और चीन के बीच तनाव किसी से छिपा नहीं है.

ट्रेड वॉर से लेकर टैरिफ तक, दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर टकराव चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर भारी टैरिफ लगाए हैं और लगातार धमकी भरे बयान भी दिए हैं. जवाब में चीन ने भी सख्त रुख अपनाया है.

बीजिंग ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और ट्रेड वॉर से डरता नहीं है. कई मौकों पर चीन ने अमेरिका को तल्ख लहजे में जवाब भी दिया है. ऐसे में ट्रंप की इस गर्मजोशी भरी अगवानी को जानकार अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं. क्या यह रिश्तों में नरमी का संकेत है या फिर नई डील की तैयारी? आइए समझते हैं इस हाई-प्रोफाइल दौरे के मायने और दोनों देशों की जरूरतें और मजबूरियां.

व्यापार जरूरी, लेकिन चीन पर भरोसा नहीं

अमेरिका चीन को एक बड़े बाजार और सप्लायर के रूप में देखता है. वहीं चीन अमेरिकी कंपनियों के लिए उत्पादन और उपभोक्ता दोनों का ठिकाना है. यही निर्भरता अमेरिका के लिए जोखिम भी है. इसलिए उसकी नीति दोहरी रहती है. चीन से व्यापार जारी रखना और साथ ही वैकल्पिक सप्लायर तैयार करना.

रेयर अर्थ क्यों है खास?

रेयर अर्थ 17 धात्विक तत्वों का समूह है जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक कारों, स्मार्टफोन, पवन ऊर्जा उपकरण और रक्षा प्रणालियों में होता है. चीन ने इस पूरी सप्लाई चेन पर मजबूत पकड़ बना ली है. अमेरिका के लिए केवल खदानें खोजना काफी नहीं है उसे प्रसंस्करण और तकनीक भी सुरक्षित करनी होती है. यही वजह है कि रेयर अर्थ का मुद्दा व्यापार से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है.

अमेरिका क्यों नहीं अलग हो सकता है?

अमेरिका कई उत्पाद खुद बनाता है लेकिन कच्चा माल और पुर्जों के लिए वह दुनिया पर निर्भर है. चीन इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों, बैटरियों और मशीनरी का बड़ा उत्पादक है. अगर आपूर्ति अचानक रुक जाए तो अमेरिकी कंपनियों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. नए सप्लायर खोजने में समय और लागत दोनों बढ़ते हैं.

सस्ते सामान का फायदा और खतरा

चीन बड़े पैमाने पर उत्पादन करता है और वहां पूरी सप्लाई चेन मौजूद है. इससे उत्पाद कम लागत पर तैयार होते हैं. अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन से सामान खरीदना कई बार खुद उत्पादन करने से सस्ता पड़ता है. नीति निर्माता मानते हैं कि एक ही देश पर ज्यादा निर्भरता खतरा है.

अमेरिका और चीन में निवेश और बाजार का रिश्ता

अमेरिकी कंपनियां चीन में बिक्री और साझेदारी करती हैं, वहीं चीनी कंपनियां अमेरिका में निवेश करती हैं. तनाव बढ़ने पर कंपनियां नए निवेश टाल सकती हैं. उन्हें डर रहता है कि नियम या शुल्क अचानक बदल जाएंगे. जिनपिंग के दौरे में निवेश और व्यापार को स्थिर रखने पर खास ध्यान दिया जा सकता है.

दोनों देशों के बीच तकनीक और सुरक्षा की जंग

अमेरिका और चीन की प्रतिस्पर्धा अब तकनीक तक पहुंच गई है. सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीक पर दोनों देशों की नजर है. अमेरिका कुछ तकनीकी उपकरणों के निर्यात पर रोक लगाता है, जबकि चीन भी कुछ खनिजों पर नियंत्रण कर सकता है. इससे साफ है कि सप्लाई चेन दबाव बनाने का हथियार बन सकती है.

निर्भरता खत्म करना मुश्किल कैसे?

अमेरिका और उसके साझेदार नए स्रोत खोज रहे हैं. वे दूसरे देशों में खनन और प्रसंस्करण बढ़ाना चाहते हैं. री-साइक्लिंग पर भी जोर है लेकिन चीन जैसी क्षमता बनाने में कई साल लग सकते हैं. इसलिए लक्ष्य पूरी तरह अलग होना नहीं बल्कि जोखिम कम करना है.

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शी जिनपिंग का दौरा क्यों है खास?

शी जिनपिंग का दौरा दोनों देशों के लिए व्यापारिक तनाव कम करने और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर बात करने का मौका है. रेयर अर्थ इस चर्चा का अहम हिस्सा है. हालांकि ताइवान, तकनीक और सुरक्षा जैसे मुद्दे बने रहेंगे. लेकिन बातचीत से अचानक टकराव का खतरा घट सकता है और कंपनियों को कुछ भरोसा मिल सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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