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UP News: “आगरा की जामा मस्जिद खोदी जाए और अगर भगवान की मूर्ति न निकले तो पूरे नुकसान की करेंगे भरपाई”, बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर

कथावाचक ने कहा कि वह खुद ये बात नहीं कह रहे हैं बल्कि इसको लेकर मुस्लिम इतिहासकार ने खुद लिखा है. कई इतिहास की किताबें में भी इसका जिक्र हुआ है और मजार-ए-आलम ने अपनी किताब में भी इसका प्रमाण दिया है.

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर (फोटो सोशल मीडिया)

UP News: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के बाद अब आगरा की जामा मस्जिद को लेकर जाने-माने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने बयान दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ज्ञानवापी की तरह की जामा मस्जिद की भी जांच कराई जाए. साथ ये भी दावा किया है कि आगरा की जामा मस्जिद को खोदा जाए और अगर भगवान की मूर्ति नहीं निकलती है तो जो भी नुकसान होगा, उसकी वह भरपाई करेंगे.

वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद की जांच कोर्ट के आदेश पर कराई जा रही है और अभी इसका मसला सुलझा भी नहीं है कि हिंदू कथावाचकों द्वारा आगरा की जामा मस्जिद को लेकर तमाम सवाल खड़े कर दिए गए हैं. हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री ने भी जामा मस्जिद की जांच कराए जाने की मांग की थी और मंदिर से नीचे भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति दबे होने का दावा किया था. अब कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का ये बड़ा बयान सामने आ रहा है.

जामा मस्जिद को लेकर उन्होंने दावा किया है कि, सन 1670 में औरंगजेब ने मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ा था. उन्होंने ये भी कहा है कि मूर्तियों को आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में लगवा दिया गया था. इसी के साथ मांग की है कि ज्ञानवापी की तरह ही आगरा की जामा मस्जिद कि सीढ़ियों से लेकर द्वार तक कोर्ट से जांच कराई जाए.

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नहीं सहेंगे अपमान

पत्रकारों से सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने आगरा की जामा मस्जिद पर सवाल खड़े किए हैं और जांच की मांग उठाई है. उन्होंने दावा किया है कि, जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे भगवान की मूर्ति दबी हुई है. इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा सीढ़ियों में अगर हमारे भगवान की मूर्ति नहीं निकलती है तो मस्जिद परिसर में होने वाली क्षति के नुकसान की भरपाई वह खुद करेंगे. साथ ही कहा कि भगवान का अपमान कोई भी सनातनी नहीं सह सकता है, इसीलिए हम भी अपमान नहीं सहेंगे. उन्होंने कहा कि कि सीढ़ियों की जांच कराई जाए. अगर केशव देव जी की मूर्ति निकलती है, तो हमें सौंप दें. साथ ही उन्होंने कहा की जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं.

मुस्लिम इतिहासकारों ने खुद लिखा है

मालूम हो कि देवकीनंदन ठाकुर कानपुर के मोतीझील ग्राउंड में शिव महापुराण कथा सुनाने के लिए पहुंचे हैं. कथा 20 अगस्त से शुरू हुई है. सात दिन तक शिव महापुराण की कथा का आयोजन यहां पर होगा. रविवार को पहले दिन कथा सुनाने के बाद देवकीनंदन ठाकुर ने पत्रकारों से बात करते हुए जामा मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है.

-भारत एक्सप्रेस



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