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G20 Summit: जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली में लगा भारतीय शिल्प बाजार, बड़े-बड़े राज्यों के साथ लद्दाख ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

दिल्ली में हुआ G20 शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक फोरम से कहीं अधिक बन गया. यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक कौशल और कूटनीतिक कुशलता के जीवंत प्रदर्शन में बदल गया.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Ladakh News : केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने 9 से 10 सितंबर 2023 तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-कन्वेंशन सेंटर (IECC) में आयोजित जी20 लीडर्स समिट के मौके पर आयोजित ‘भारतीय शिल्प बाजार’ में भाग लिया.

‘भारतीय शिल्प बाजार’ में भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों जैसे राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, 7 उत्तर पूर्वी राज्यों और लद्दाख के साथ कई अन्य राज्यों की वस्तुओं की बिक्री करने वाले 30 स्टॉल थे.

पीएम मोदी ने भी किया प्रदर्शनी का अवलोकन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रदर्शित शिल्प रूपों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की. यह प्रदर्शनी G20 सचिवालय, कपड़ा मंत्रालय और विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास था.

30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की शिल्‍पकला

शिल्प बाज़ार में भाग लेने वालों में लगभग 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ खादी ग्राम और उद्योग आयोग, ट्राइफेड और सरस आजीविका जैसी केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल थे. प्रदर्शनी ने G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वालों को हस्तशिल्प वस्तुओं को खरीदने की अनुमति दी जो 2 दिनों के कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित की जा रही थीं.

एक जिला-एक उत्पाद योजना ने खींचा ध्‍यान

‘भारतीय शिल्प बाजार’ ने सरकार की एक जिला, एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) के तहत उत्पादों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका उद्देश्य प्रत्येक जिले से विशिष्ट वस्तुओं और जीआई टैग वाली वस्तुओं को बढ़ावा देना है. G20 शिखर सम्मेलन के दौरान कारीगरों द्वारा विभिन्न विरासत शिल्पों के लाइव प्रदर्शन की भी योजना बनाई गई थी.

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 3 उच्च कुशल और अनुभवी प्रतिभागी कारीगरों और उद्यमियों को लद्दाख के उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा ‘एक्सप्लोर यूनियन टेरिटरीज’ के आवंटित स्टॉल पर लद्दाख की विशिष्ट पहचान का प्रतिनिधित्व करने के लिए नॉमिनेट किया गया था.

इस तरह की चीजें विदेशियों को भी पसंद आईं

प्रतिभागियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की, जो केंद्र शासित प्रदेश के हाल ही में जीआई टैग और ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) उत्पादों पर केंद्रित थे, जिसमें पश्मीना (बुने हुए शॉल, मफलर, स्टोल और अन्य बुना हुआ सामान) सजावटी सामान, पारंपरिक लकड़ी की मेज (चोक्त्से), स्मृति चिन्ह, कटोरे, ट्रे और लकड़ी के नक्काशीदार उत्पाद शामिल थे. प्रतिभागियों ने प्रदर्शनी के दो दिनों के दौरान अपना मनोबल और वैश्विक बाजार की मांगों के प्रति समझ को बढ़ाते हुए लगभग 2.20 लाख की बिक्री का रिकॉर्ड बनाया.

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देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत झलकी

एक अधिकारी ने कहा कि विश्‍व बिरादरी के सामने हमारे देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के उद्देश्य और उद्देश्य के साथ, हमारे देश के कलात्मक कौशल, परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. शिल्प बाज़ार ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ भी संरेखित है.

उन्‍होंने कहा, ‘यह प्रदर्शनी मुख्य रूप से जी20 विदेशी प्रतिनिधियों और अन्य आने वाले देशों के गणमान्य व्यक्तियों को एक ही छत के नीचे भारत के उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए डिज़ाइन की गई थी. यहां लगा शिल्‍प बाज़ार एक ऐसा आकर्षण था, जिसने भारत की सभ्यता की विरासत को सही ढंग से दर्शाया.

— भारत एक्सप्रेस



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