डॉ. दिनेश शर्मा.
उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि 144 वर्षो के बाद प्रयागराज का महाकुंभ आया है.सारी दुनिया इस महाकुंभ में आने को लालायित है. उन्होंने कहा कि इसका इतिहास समुद्र मंथन से जुड़ा है, जिसमें देवताओं और राक्षसों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था. इस मंथन से अमृत निकला और भेष बदलकर असुर अमृत कलश लेकर भागने लगे. भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर उसे असुरों से ले लिया था तथा गिद्धराज उस अमृत कलश को लेकर वहां से इसलिए चले कि असुर कंहीं उसे न ले लें. उस दौरान प्रयागराज, नासिक, हरिद्वार, उज्जैन जैसी जगहों पर जहां जहां पर अमृत की बूंदे गिरीं वहीं पर कुंभ का आयोजन किया जाने लगा.उन्होंने बताया कि 6 वर्ष के बाद अर्ध कुंभ, 12 वर्ष के बाद कुंभ और 144 वर्ष के बाद महाकुंभ का पर्व मनाया जाता है.महाकुभ पर करोड़ों श्रद्धालुओं का विशाल मेला लगता है और श्रद्धालु स्नान करते हैं.
ऐसे लोगों को जानकारी है…
सांसद शर्मा ने कहा कि कुछ आलेाचक कहते हैं कि महाकुंभ में त्रिवेणी में स्नान करने से पाप नहीं धुलते हैं.उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भी यह जानकारी देना चाहता हूं कि वहां पर ऐसे साधु संत जो हिमालय में जाकर तपस्या करते हैं तथा कई सिद्ध पुरुष चुपचाप कल्पवास करते हैं. वहां पर धर्म की संसद होती है गीता का प्रवचन होता है ज्योतिष का सम्मेलन होता है राम कथा और तमाम धार्मिक कृत्य होते हैं और पूरा वातावरण भक्तिमय बन जाता है. ऐसे पवित्र अवसर पर जो कोई कुंभ में जाता है उसको अपने आप सकारात्मक ऊर्जा आ जाती है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है इसे ही पाप धुलना कहते हैं. इसी सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त करने के लिए कुंभ में स्नान करना आवश्यक है.इस इस बार आयोजन में लगभग करोड़ 40 करोड़ से अधिक लोग महाकुंभ में स्नान के लिए आएंगे. पाकिस्तान की आबादी से दोगुना लोग कुंभ स्नान के लिए आ रहे है अमेरिका अमेरिका की आबादी से भी ज्यादा लोग स्नान करने के लिए आ रहे हैं तथा सारा विश्व इस पावन पर्व पर भाग लेना चाह रहा है.
देश में कोई हिंदू-मुसलमान नहीं- दिनेश शर्मा
उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि देश में कोई हिन्दू या मुसलमान नहीं है बल्कि सभी देश के नागरिक हैं तथा देश के हर नागरिक को वह मूलभूत सुविधा मिलनी चाहिये जिसकी वह हकदार है. आयुष्मान कार्ड की सुविधा सभी को दो.इसी प्रकार जाड़े से बचने के लिए कम्बल का वितरण या अन्य सामग्री का वितरण होता है वह भी प्रत्येक नागरिक को समान रूप से दिया जाता है.इन मूलभूत सुविधाओं को जनता को मिलना सुनिश्चित करना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है.साकेत शर्मा एवं क्षेत्र पार्षद संदीप शर्मा आदि का जिक्र करते हुए उन्होंने उनके द्वारा किये गए जनहितकारी कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि इन लोगों ने बिना भेदभाव के कार्य किया.इसलिए देश तभी तक ऊँचे उठता रहेगा जब तक अगड़ा पिछड़ा, ऊंच नीच, आदि की धारणा का जन सेवा में कोई स्थान नही होगा और यह कहा जायेगा कि सभी इस देश के नागरिक हैं इसलिए उनकी मदद करना सभी का कर्तव्य है.
उन्होंने कहा कि सभी आयोजन आज के अयोध्या में राम मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की श्रृंखला में आयोजित किए गए हैं सांसद शर्मा ने कहा कि जिस समय रामजन्मभूमि का आंदोलन चल रहा था उस समय सारा वातावरण बच्चा बच्चा राम का, राम का नही तो किस काम का कीनन से गूंज रहा था. उस समय पूरा वातावरण रामभक्ति से ओतप्रोत हो जाया करता था.उस समय लोगों ने हर घर से पूजन के लिए ईंट भेजी थी.जब रामलला की कारसेवा में गए थे तो लोगों ने भोजन के पैकेट बांटे थे.उस समय बड़े बड़े स्कूल जेल बन गए थे, थाने बन गए थे.उस समय लोगों ने न जेलों की परवाह की थी और न पुलिस के उस समय के आताताई रवैये की परवाह ही की थी.
हम सभी एक हैं- शर्मा
उन्होंने आगे कहा कि एक मुख्यमंत्री कहते थे कि ऐसी व्यवस्था की गई है कि पतंगा पर नहीं मार सकेगा, लेकिन पतंगा ने पर नहीं मारे बल्कि लाखों लोगों ने पहुंचकर वहां पर रामलला विराजमान भी किया. उन्होंने इस अवसर पर संकल्प भी दिलाया और कहा कि “हम सरयू माता का सौगन्ध लेकर कहते हैं कि जहां रामजी विराजित हैं उनकी स्थापना का आज जो दिन है हम सैकड़ों वर्षों तक उसी प्रकार धूमधाम से मनाएंगे जैसा कि रामलला की स्थापना के समय हुआ था. हम एक रहेंगे मिलकर चलेंगे जाति के बंधन को तोड़ेंगे. हम अगड़ा पिछड़ा की बात नहीं करेंगे. हम एक हैं और रामलला के मस्ताने हैं. हम राम भक्त हैं हम कृष्ण भक्त हैं हम सनातनी हैं.हम सब मिलकर देश को मजबूत करेंगे.
डॉ. शर्मा ने कहा कि “हम किसी के विरोध में नही हैं बल्कि सनातन के पक्ष में हैं.सभी लोग यहां से मिलकर चलेंगे तथा राम का नाम लेकर चलेंगे क्योंकि राम से बड़ा राम का नाम है.जब राम का नाम हमारी जिह्वा पर आता है तो कोई हमारा बाल बांका नही कर सकता है.राम सौहार्द्र का प्रतीक है राम मर्यादा का प्रतीक है राम पिता की आज्ञा पालन करने का प्रतीक है राम वनो की रक्षा करने का प्रतीक है. राम शबरी के बेर खाने का प्रतीक है राम अहिल्या को तारने का प्रतीक है. राम रावण के अहंकार का नष्ट करने का प्रतीक है. राम कल्याणकारी भाव का प्रतीक है और जो राम का नाम लेता है उसके जीवन की नैया पार हो जाती है.’’ उन्होंने लोगों को निर्देशित किया कि वे जब यहां से झंडी दिखाने के साथ जाएंगे, तो जय राम सियाराम जय जय राम आदि का उदघेाष करते हुए जाएंगे.
सांसद डॉ शर्मा आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम जी के प्राण प्रतिष्ठा के वार्षिकोत्सव के क्रम में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में अलग-अलग सम्मिलित हुए, ऐशबाग वार्ड के पार्षद संदीप शर्मा के साथ भुइयां देवी द्वार एवं भगवान जगन्नाथ द्वार का लोकार्पण , ऐशबाग वार्ड के अंतर्गत अपनी सांसद निधि एवं पार्षद निधि के लगभग सवा करोड रुपए से विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास/उद्घाटन किया. पीली कॉलोनी ऐशबाग, लखनऊ में आयोजित मध्य विधानसभा के नवनिर्वाचित मंडल अध्यक्षों के सम्मान समारोह एवं सफाई कर्मचारियों को सफाई किट एवं जरूरतमंदों को कंबल वितरण कार्यक्रम . सेक्टर 17 इंदिरा नगर में आयोजित विशाल कंबल वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. महानगर वार्ड में राम संकीर्तन के बाद हजारों की संख्या में एकत्रित लोगों के लिए आयोजित भंडारे को शुरू कर उपस्थित जन्म समूह को संबोधित किया.
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इस अवसर पर पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सुधाकर त्रिपाठी, क्षेत्रीय पार्षद संदीप शर्मा, पूर्व पार्षद साकेत शर्मा, पूर्व पार्षद रंजीत धानुक, भाजपा नेता संतोष सोनकर, धर्मेंद्र मिश्र, मनोज रस्तोगी, सुविंद्र कंछल, अनिल कश्यप, सरदार हरमीत सिंह, कश्मीरी लाल खुराना एवं पृथ्वीराज खुराना, मेवालाल, इंदल गौतम, रमेश धानुक, वरिष्ठ भाजपा नेता अमित टंडन, मंडल अध्यक्ष सुमित खन्ना, सोनू चतुर्वेदी,ललित पांडे, कार्यक्रम आयोजक उपाध्याय, भूपेन शर्मा,भृगुनाथ शुक्ला, भाजपा नेता सूरज जसवानी, कृष्ण वीर सिंह उपस्थित रहे.
-भारत एक्सप्रेस
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