Land for Job Case
लैंड फॉर जॉब मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कथित आरोपी और लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी अमित कात्याल को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने पेशी वारंट जारी किया है. कोर्ट 31 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज मामले में अमित कात्याल हरियाणा की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में है.
पिछली साल 18 अक्टूबर को ईडी ने अमित कात्याल के गुरुग्राम स्थित मेसर्स क्रिश रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति जब्त किया था. ईडी ने करीब 56 लाख की प्रॉपर्टी अटैच की है. 18 अक्टूबर को ईडी ने अमित के दो ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से 35 लाख कैश और कई संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिला था.
लालू प्रसाद नौकरी के बदले जमीन खुद तय करते थे
ईडी ने 200 करोड़ के विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त करने का दावा किया था. मनी लॉन्ड्रिंग का मामला गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के बाद सामने आया था. वही लैंड फॉर जॉब मामले की ईडी जांच में से यह भी पता चला है कि लालू प्रसाद यादव नौकरी के बदले जमीन खुद तय करते थे. इसमें उनके परिवार के सदस्य और करीबी अमित कत्याल साथ दे रहे थे.
लालू प्रसाद और उनसे जुड़े कम्पनियों के पास सात जमीनें आई जो पटना के महुआ बाग में स्थित है. ईडी का दावा है कि इनमें से चार जमीन के टुकड़े अपरोक्ष और परोक्ष रूप से राबड़ी देवी से जुड़ी है. ईडी द्वारा दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव को आरोपी बनाया गया है.
जानें क्या है मामला
ईडी का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने रेलमंत्री रहते हुए नौकरी के बदले लोगों से जमीन ली थी. ईडी ने 100 पेज का सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया है. चार्जशीट के साथ 96 दस्तावेज भी दिए गए हैं. इसमें ललन चौधरी, हजारी राय, धर्मेन्द्र कुमार, अखिलेश्वर सिंह, रविंदर कुमार, स्वर्गीय लाल बाबू राय, सोनमतिया देवी और संजय राय का भी नाम शामिल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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