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भारत दूनिया 7वां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक, वित्त वर्ष 2024 में 1.29 अरब डॉलर का रहा निर्यात

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इसकी सफलता का एक प्रमुख उदाहरण अराकू घाटी है, जहां लगभग 150,000 आदिवासी परिवारों ने कॉफी बोर्ड और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी (ITDA) के सहयोग से कॉफी उत्पादन में 20% की वृद्धि की है.”

Coffee

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार (20 जनवरी) को कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर सातवां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक है, जिसका निर्यात वित्त वर्ष 2024 में 1.29 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो 2020-21 के 719.42 मिलियन डॉलर से लगभग दोगुना है.

जनवरी 2025 की पहली छमाही में भारत ने इटली, बेल्जियम और रूस सहित शीर्ष खरीदारों के साथ 9,300 टन से अधिक कॉफ़ी का निर्यात किया. भारत के कॉफी उत्पादन का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अरेबिका और रोबस्टा बीन्स से बना है. इन्हें मुख्य रूप से बिना भुने बीन्स के रूप में निर्यात किया जाता है.

मंत्रालय ने कहा, “भुनी हुई और इंस्टेंट कॉफी जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिससे निर्यात में उछाल आया है.”

घरेलू खपत 91,000 टन पहुंची

घरेलू खपत 2012 में 84,000 टन से बढ़कर 2023 में 91,000 टन हो गई है. कर्नाटक उत्पादन में सबसे आगे है, जो 2022-23 में 248,020 मीट्रिक टन का योगदान देगा, उसके बाद केरल और तमिलनाडु का स्थान है.

मंत्रालय के बयान के अनुसार, एकीकृत कॉफी विकास परियोजना (ICDP) के माध्यम से पैदावार में सुधार, गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में खेती का विस्तार और कॉफी की खेती की स्थिरता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

मंत्रालय ने कहा कि इसकी सफलता का एक प्रमुख उदाहरण अराकू घाटी है, जहां लगभग 150,000 आदिवासी परिवारों ने कॉफी बोर्ड और एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी (ITDA) के सहयोग से कॉफी उत्पादन में 20% की वृद्धि की है.

ये उपाय भारत के कॉफी उद्योग को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और इसकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं.


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-भारत एक्सप्रेस 



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