मुंबई के कुख्यात गैंगस्टर डीके राव को क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार कर लिया है. डीके राव पर आरोप है कि उसने अपने छह साथियों के साथ मिलकर एक होटल मालिक से ₹2.5 करोड़ की रंगदारी मांगी और जान से मारने की धमकी दी.
मुंबई क्राइम ब्रांच को एक होटल व्यवसायी ने शिकायत दी थी कि डीके राव और उसके साथियों ने होटल पर कब्जा करने और रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जबरन वसूली, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता हाथ लगी. पुलिस ने डीके राव समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. डीके राव को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा. फिलहाल इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है.
डीके राव का आपराधिक इतिहास
डीके राव का असली नाम दिलीप मल्लेश वोरा है. वह मुंबई के माटुंगा इलाके की झुग्गियों में पला-बढ़ा. 90 के दशक में वह डकैती और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए छोटा राजन का करीबी सहयोगी बन गया. डीके राव पर व्यापारियों से जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं.
2017 में भी उसे रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. हालांकि, 2022 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसे जमानत दी थी. इसके बाद भी वह अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा.
राजन गैंग का एक और सदस्य गिरफ्तार
इससे पहले मुंबई पुलिस ने छोटा राजन गिरोह के 62 वर्षीय सदस्य विलास बलराम पवार उर्फ राजू को भी गिरफ्तार किया था. पवार हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में शामिल रहा है. पवार के खिलाफ कई संगीन मामलों में केस दर्ज हैं और वह पिछले 16 सालों से फरार था. देवनार पुलिस स्टेशन की एक टीम ने उसे 2 जनवरी को चेंबूर इलाके से गिरफ्तार किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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