जीत अडानी और दीवा शाह हाल ही में मिट्टी कैफे पहुंचे, जो एक ऐसा संगठन है जो दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करता है. यह यात्रा जीत अडानी के लिए खास थी क्योंकि वे लंबे समय से दिव्यांग लोगों की मदद करने के प्रयासों से जुड़े रहे हैं. उनका मिट्टी कैफे से पुराना नाता रहा है, क्योंकि उन्होंने खुद इस कैफे के इस आउटलेट का उद्घाटन किया था.
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शादी का निमंत्रण देने पहुंचे
इस बार जब वे वापस आए, तो उनका मकसद मिट्टी कैफे की टीम और इसकी संस्थापक अलीना आलम को अपनी शादी का निमंत्रण देना था. उन्होंने वहां के कर्मचारियों से मुलाकात की, उनके साथ बातचीत की, केक काटा और खुशनुमा पल बिताए. कैफे की टीम ने भी जीत अडानी और दीवा शाह को फूलों का गुलदस्ता और उपहार भेंट किए, जिससे उनकी मुलाकात और भी यादगार बन गई.
मिट्टी कैफे भारतभर में कई आउटलेट चलाता है, जहां शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार दिया जाता है. खासकर वे लोग, जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं, उन्हें यहां रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है.
समाज के लिए जीत अडानी की प्रतिबद्धता
जीत अडानी के लिए यह यात्रा सिर्फ एक मुलाकात नहीं थी, बल्कि समाज में समावेश और सम्मान बढ़ाने के उनके संकल्प की एक और पुष्टि थी. उन्होंने इस अवसर पर अपनी पुरानी प्रतिबद्धता को दोहराया और मिट्टी कैफे की टीम के साथ गर्मजोशी और आत्मीयता से समय बिताया, जिससे यह यात्रा और भी खास और यादगार बन गई.
-भारत एक्सप्रेस
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