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फंडिंग मामले में आरोपी और बारामुला से सांसद राशिद इंजीनियर को संसद सत्र में भाग लेने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से मिला कस्टडी पैरोल

दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू कश्मीर के सांसद राशिद इंजीनियर को कस्टडी पैरोल पर 11 और 13 फरवरी को संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति दी है, शर्तों के साथ कि वह मीडिया से बात नहीं करेंगे और मोबाइल का उपयोग नहीं करेंगे. राशिद इंजीनियर 2017 से टेरर फंडिंग मामले में जेल में हैं.

MP Rashid Engineer
Aarika Singh Edited by Aarika Singh

जम्मू कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामुला से सांसद राशिद इंजीनियर को दिल्ली हाई कोर्ट से संसद सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल दे दिया है. कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को 11 फरवरी और 13 फरवरी के लिए कस्टडी पैरोल दिया है. जस्टिस विकास महाजन की बेंच राशिद इंजीनियर को कस्टडी पैरोल देते हुए शर्ते भी लगाई है.

कोर्ट ने कहा कि कस्टडी पैरोल के दौरान राशिद मीडिया से बातचीत नही करेंगे और ना ही मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे. सुनवाई में कोर्ट ने एनआईए की ओर से पेश वकील से पूछा था कि जब तक राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत नही मिल जाती तब तक वह न्यायिक हिरासत में संसद के सत्र में हिस्सा ले सकते हैं. वह एक निर्वाचित सांसद है. ऐसा करने में क्या दिक्कत है. जिसपर एनआईए के वकील ने कहा था कि इतना सरल नहीं है. क्योंकि सुरक्षा का भी मुद्दा है. राशिद इंजीनियर ने संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है, जो 31 जनवरी से शुरू हुआ और चार अप्रैल को खत्म हो रहा है. राशिद इंजीनियर के वकील एन हरिहरन ने कहा था कि मैं सभी आपत्तियों को पूरा करने के लिए तैयार हूं.

राशिद शीतकालीन सत्र में शामिल होने की मांगी अनुमति

मैं सिर्फ अंतरिम जमानत मांग रहा हूं. केस की मेरिट पर हम बाद में विचार कर सकते है. उन्होंने यह भी कहा था पहले राशिद को चुनाव प्रचार के लिए कस्टडी पैरोल मिली थी. राशिद इंजीनियर ने पहले भी शर्ते पूरी की है. 24 दिसंबर 2024 को पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था. उसके पहले राशिद इंजीनियर को शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए अनुमति मांगी थी. इससे पहले राशिद इंजीनियर को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मिल चुकी है. लेकिन आगे की अंतरिम जमानत की अवधि को कोर्ट ने बढ़ाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राशिद इंजीनियर ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था.

राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है. वह 2017 के आतंकवादी वित्तपोषण (आतंकी फंडिंग) मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में बंद है.

-भारत एकस्प्रेस



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