शीना बोरा हत्याकांड मामले में आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें विदेश जाने की मांग की गई थी. जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अगर इंद्राणी मुखर्जी को जमानत मिल गई तो उसे विदेश से वापस आने की संभावना नही दिख रही है.
विदेश जाने पर भी लगी रोक
इंद्राणी मुखर्जी ने याचिका दायर कर विदेश जाने की अनुमति मांगी थी. सीबीआई ने मुखर्जी की ओर से दायर याचिका का विरोध करते हुए कहा है यह काफी गंभीर मामला है, इसमें आधा ट्रायल खत्म हो गया है. साथ ही 96 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है. वही इंद्राणी मुखर्जी की ओर से पेश वकील ने कहा कि इस मामले में ट्रायल खत्म होने में लंबा समय लगेगा. अभी 92 गवाहों से पूछताछ करना बाकी है, लिहाजा विदेश जाने की अनुमति दी जाए. मुखर्जी पर अपनी ही बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है.
सीबीआई और इंद्राणी की दलीलें
सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को 2022 में जमानत देते हुए कहा था कि वह साढ़े 6 साल से जेल में बंद है, मुकदमा जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है. इंद्राणी मुखर्जी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें हाई कोर्ट ने उनकी विदेश जाने की याचिका खारिज कर दी थी. निचली अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी को 19 जुलाई को स्पेन और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा जाने की अनुमति दे दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
हाई कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा दिए गए आदेश को रद्द कर दिया था. जिसके बाद इंद्राणी मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. मुंबई में साल 2012 में इंद्राणी मुखर्जी ने ड्राइवर श्यामवर राय और अपने पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ मिलकर कथित तौर पर शीना बोरा की कार में गला घोंटकर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद उसके शव को पड़ोसी जिले रायगढ़ के एक जंगल में जला दिया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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