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Make in India: अब चीन-वियतनाम को Apple के पुर्जे भेज रहा भारत, ‘मेक इन इंडिया’ का बड़ा कमाल

Apple का यह कदम भारत में संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक मजबूत घटक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में सहायक होगा. पिछले दो दशकों में भारत चीन और वियतनाम से इलेक्ट्रॉनिक घटकों और उप-असेंबली का शुद्ध आयातक रहा है.

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भारत ने पहली बार चीन और वियतनाम को इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों का निर्यात शुरू किया है, जो MacBook, AirPods, Watch, Pencil और iPhone जैसे Apple उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाएंगे. यह भारत के लिए एक बड़ी भूमिका परिवर्तन को दर्शाता है और अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गज Apple की आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है.

भारत में निर्मित मैकेनिक्स का निर्यात

Apple के आपूर्तिकर्ता Motherson Group, Jabil, Aequs और Tata Electronics भारत में iPad को छोड़कर अपने सभी उत्पादों के लिए मैकेनिक्स (जिसमें एनक्लोजर भी शामिल है) का निर्माण कर रहे हैं. इन घटकों को उन असेंबली हब्स में निर्यात किया जा रहा है, जहां उनका उपयोग अंतिम उत्पाद तैयार करने के लिए किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया, “घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ाने और भारत में स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के उद्देश्य से, Apple अब iPhone और उसके प्रमुख घटकों के अलावा अन्य घरेलू खरीद को भी बढ़ा रहा है. इसी के तहत, कंपनी ने अपने उत्पादों के लिए मैकेनिक्स, विशेष रूप से एनक्लोजर निर्माण की पहल शुरू की है.”

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए बड़ा कदम

विशेषज्ञों के अनुसार, Apple का यह कदम भारत में संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक मजबूत घटक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में सहायक होगा. पिछले दो दशकों में भारत चीन और वियतनाम से इलेक्ट्रॉनिक घटकों और उप-असेंबली का शुद्ध आयातक रहा है. लेकिन अब स्थिति बदल रही है, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में एक प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभर रहा है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत 2030 तक 35-40 बिलियन डॉलर के घटक निर्यात लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है. इस लक्ष्य को हासिल करने में सरकार भी मदद कर रही है और जल्द ही 3 बिलियन डॉलर से अधिक की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना लाने वाली है.

मैकेनिक्स: इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की महत्वपूर्ण कड़ी

मैकेनिक्स वे घटक होते हैं, जो मदरबोर्ड, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य उप-असेंबली को एक साथ जोड़ते हैं. इनका निर्माण जटिल इंजीनियरिंग और उच्च तकनीक मशीनों की सहायता से किया जाता है. Counterpoint Research के उपाध्यक्ष नील शाह ने बताया, “भारत, चीन और वियतनाम के साथ-साथ Apple के लिए एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है. यह सिर्फ तैयार iPhone और अन्य Apple उत्पादों के बारे में नहीं है, बल्कि भारत अब इन उत्पादों के लिए चीन और वियतनाम को घटक भी निर्यात कर रहा है.”

स्थानीय विनिर्माण कंपनियों को बढ़ावा

Apple अपने उत्पादों के लिए स्थानीय विनिर्माण कंपनियों को शामिल कर रहा है और अपने वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं को भारत में उत्पादन केंद्र स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रहा है.

पिछले एक वर्ष में, Apple ने दो अतिरिक्त आपूर्तिकर्ताओं को किया शामिल

Jabil (मिशिगन मुख्यालय वाली कंपनी) – जिसने पुणे स्थित अपने कारखाने से AirPods के लिए मैकेनिक्स का निर्माण शुरू किया. Aequs (हुबली, कर्नाटक स्थित) – जिसने MacBook के लिए मैकेनिक्स का उत्पादन शुरू किया. इसके अलावा, Motherson Group ने भी iPhones के लिए एनक्लोजर निर्माण शुरू कर दिया है. हालांकि, Apple, Motherson, Jabil और Aequs से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और Tata Electronics ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. भारत के इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि देश अब केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है.

-भारत एक्सप्रेस 



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