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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: गुजरात सरकार ने 76 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त अनाज वितरित किया

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को कोरोना महामारी के दौरान शुरू किया गया था, ताकि संकट की घड़ी में गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana

Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana

गुजरात सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है. इस योजना के तहत राज्य में 76 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस योजना की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “अंत्योदय” के सिद्धांत को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है.

गरीबों के लिए बड़ी राहत बनी योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को कोरोना महामारी के दौरान शुरू किया गया था, ताकि संकट की घड़ी में गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. लेकिन मोदी सरकार ने इसे 2024 के बाद भी जारी रखने का फैसला किया, ताकि कोई भी गरीब परिवार भूखा न रहे. गुजरात सरकार इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने में अग्रणी रही है और लाखों परिवारों तक मुफ्त खाद्यान्न पहुंचाने में सफल रही है.

गुजरात में 76 लाख परिवारों को मिला लाभ

गुजरात सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 76 लाख से अधिक गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है. इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को मुफ्त में 5 किलो गेहूं, चावल और दालें प्रदान की जा रही हैं. राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खाद्यान्न वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हो और हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर उसका हक मिले.

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने राज्य के गरीब और वंचित वर्गों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र को साकार कर रही है. गुजरात सरकार इस योजना को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कर रही है, ताकि राज्य के हर जरूरतमंद व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके.”

गुजरात सरकार ने खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल राशन कार्ड प्रणाली लागू की है. राज्य में ई-पॉस (e-POS) मशीनों के माध्यम से लाभार्थियों को खाद्यान्न दिया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और जरूरतमंदों को समय पर राशन मिल रहा है. इसके अलावा, वितरण केंद्रों पर कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं.

योजना से लाभान्वित लोगों की प्रतिक्रियाएं

इस योजना से लाभान्वित परिवारों ने इसे बड़ी राहत बताया है गरीब परिवारों का कहना है कि मुफ्त राशन मिलने से उनके मासिक खर्च में काफी राहत मिली है और वे अन्य आवश्यक जरूरतों पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं. विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनके घर में खाद्य सुरक्षा बनी हुई है. गुजरात सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए कदम उठाएगी. आने वाले महीनों में इस योजना का लाभ और अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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