मां दुर्गा को समर्पित नवरात्र का त्योहार रविवार (30 मार्च 2025) से शुरू हो चुका है. फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसी फिल्में बनी हैं जिनमें नवदुर्गा के साथ ही उनके अन्य रूपों को खूबसूरत तरीके से दिखाया गया है जो न सिर्फ टाइमलेस बन गई बल्कि आज भी लोग भक्ति भाव से ऐसी फिल्में देखते हैं. ये न कोई एक्शन फिल्म थी, न कॉमेडी और न ही कोई रोमांटिक लव स्टोरी थी ये थी धार्मिक फिल्म ‘जय संतोषी मां’ और इसने अपने बजट से कई ज्यादा मुनाफा कमाया था. इस फिल्म को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे और उनके लिए मानों थिएटर मंदिर बन गए थे जहां फिल्म खत्म होने के बाद प्रसाद भी बंटा करता था.
बैलगाड़ी पर फिल्म देखने थिएटर आते थे लोग
ये संतोषी माता और उनके भक्तों की कहानी पर बनी एक धार्मिक फिल्म थी जिसका निर्देशन विजय शर्मा ने किया था. फिल्म का दर्शकों पर इतना असर पड़ा कि धार्मिक रूप से इससे जुड़ते चले गए. लोग दूर-दूर से बैलगाड़ी पर ये फिल्म देखने थिएटर आते थे. फिल्म की कहानी ने लोगों के मन पर ऐसी छाप छोड़ी कि वो थिएटर को मंदिर की तरह मानने लगे.
फिल्म को गायकों ने बनाया बड़ा हिट
माना जाता है कि फिल्म को सुपरहिट करवाने में गायकों का बहुत बड़ा हाथ था. फिल्म का हर एक गाना सुपरहिट था. मैं तो आरती उतारू रे, संतोषी माता की भजन आते पर औरते भक्ति में डूब जाती थीं. गायिका उषा मंगेशकर ने इस गाने को गाया था और सी. अर्जुन ने संगीत दिया था. सिलसिला यहीं नहीं रुका और आगे चलकर इसी गाने को मंदिरों में संतोषी माता की आरती के रूप में गाया जाने लगा. फिल्म के अन्य गानों पर नजर डालें तो जय जय संतोषी माता, जय जय मां, यहां-वहां जहां तहां देखूं, करती हूं व्रत तुम्हारा, मदद करो संतोषी माता, गाना भी शामिल है.
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अमिताभ की शोले को छोड़ दिया था पीछे
इस फिल्म का बजट 10 से 15 लाख के बीच था लेकिन इस फिल्म की कमाई की बात करें तो फिल्म ने करोड़ों में कमाई की थी. यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में नंबर दो पर थी. इस फिल्म ने अमिताभ बच्चन की शोले को भी पीछे छोड़ दिया था.
थिएटर में चप्पल उतारकर जाते थे लोग
जानकारी के अनुसार, माता की लीला और चमत्कार से भरी फिल्म को देखने के लिए दर्शक थिएटर में प्रवेश करने से पहले चप्पल उतारकर फिल्म देखने जाते थे और फिल्म शुरू होने से पहले फूल, सिक्के लेकर बैठते थे और स्क्रीन पर माता के आने के तुरंत बाद सिक्के, माला-फूल उछालने लगते थे.
लागत से की कई गुना कमाई
फिल्म के बजट को लेकर कोई ठोस आंकड़ा नहीं मिलता है लेकिन यह साल 1975 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी हिंदी फिल्म बन गई थी. पहले नंबर पर अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया बच्चन, संजीव कुमार स्टारर शोले थी जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
-भारत एक्सप्रेस
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