प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 मई 2025 को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित “विझिंजम इंटरनेशनल डीपवॉटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट” को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह बंदरगाह भारत सरकार और केरल सरकार की संयुक्त कोशिशों से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जा रही है. इसकी कुल लागत लगभग ₹8,900 करोड़ रुपये बताई गई है.
लैंडलॉर्ड मॉडल पर बन रहा है आधुनिक पोर्ट
यह पोर्ट ‘लैंडलॉर्ड मॉडल’ के तहत बनाया जा रहा है, जिसमें सरकार भूमि और अवसंरचना मुहैया कराती है, जबकि संचालन और प्रबंधन निजी क्षेत्र द्वारा किया जाता है. इस परियोजना का निजी भागीदार “अडानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड” है, जिसने निर्माण कार्य 5 दिसंबर 2015 को प्रारंभ किया था.
#WATCH | Thiruvananthapuram | PM Modi will dedicate the Vizhinjam International Deepwater Multipurpose Seaport to the nation tomorrow. The ambitious project of the Kerala government is being developed under the PPP model. The private partner, the Concessionaire Adani Vizhinjam… pic.twitter.com/CwbZYNDyyR
— ANI (@ANI) May 1, 2025
यह भारत की जरूरी परियोजना- पूर्व एमडी सुरेश बाबू
विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट लिमिटेड (VISL) के पूर्व एमडी और सीईओ सुरेश बाबू ने इस परियोजना को “भारत के लिए महत्वपूर्ण” बताया. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक बंदरगाह नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक समुद्री स्थिति को सुदृढ़ करने वाला केंद्र है. जिस तरह की जटिलताएं इस परियोजना में सामने आईं, उन्हें सिर्फ अडानी समूह जैसा अनुभवी कंपनी ही संभाल सकती थी.”
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: Prime Minister Narendra Modi to dedicate to the nation ‘Vizhinjam International Deepwater Multipurpose Seaport’ worth Rs 8,900 crore on May 2
The Vizhinjam International Transhipment Deepwater Multipurpose Seaport is an ambitious project… pic.twitter.com/HkDGt0t3so
— ANI (@ANI) May 1, 2025
यहां अब अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब बनने की उम्मीद
यह बंदरगाह भविष्य में भारत का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब बनने की दिशा में अग्रसर है, जो श्रीलंका के कोलंबो और दुबई के जेबेल अली पोर्ट को प्रतिस्पर्धा देगा. इसका स्थानिक लाभ यह है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के बेहद निकट स्थित है.
अडानी समूह का योगदान और अनुभव रहा अहम
पूर्व एमडी सुरेश बाबू ने कहा कि कई कंपनियों ने बोली प्रक्रिया में भाग लिया, लेकिन अंततः अडानी समूह ही आगे आया और सितंबर 2015 में अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिसंबर में कार्य शुरू किया. उन्होंने अडानी समूह की तकनीकी दक्षता और स्थानीय परिस्थितियों की समझ को परियोजना की सफलता का प्रमुख कारण बताया.
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: Prime Minister Narendra Modi to dedicate to the nation ‘Vizhinjam International Deepwater Multipurpose Seaport’ worth Rs 8,900 crore on May 2
The Vizhinjam International Transhipment Deepwater Multipurpose Seaport is an ambitious project… pic.twitter.com/HkDGt0t3so
— ANI (@ANI) May 1, 2025
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