TMC प्रवक्ता साकेत गोखले
दिल्ली हाई कोर्ट से टीएमसी के सांसद साकेत गोखले को झटका लगा है. ने साकेत गोखले की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है.गोखले ने कोर्ट से आग्रह किया था कि उनके खिलाफ ₹50 लाख हर्जाना भरने और माफ़ी मांगने के आदेश को वापस लिया जाए. इससे पहले लक्ष्मी पुरी ने गोखले के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें उन्होंने आर्थिक तंगी का हवाला देकर हर्जाना न देने की पेशकश की थी.
बता दें कि हालही में जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने साकेत गोखले को झटका देते हुए, उनकी सैलरी को कुर्क करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा था कि डिक्रिटल राशि जमा न करने के लिए कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. वेतन के संबंध में धारा 60 (आई) सीपीसी के मुताबिक कुर्की के वारंट जारी किए जाए, जो कि 1.9 लाख रुपए प्रति माह बताया गया है.
गोखले की सैलरी कुर्क करने का आदेश जारी
कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जब तक 50 लाख रुपए की धनराशि कोर्ट में जमा नहीं हो जाती, तब तक वेतन कुर्क रहेगा. कोर्ट 28 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर रखा है. लक्ष्मी पूरी की ओर से पेश वकील ने कहा था कि डिक्री द्वारा निर्णय ऋणी को माफी प्रकाशित करने और 27 अगस्त 2024 तक 50 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है.
लक्ष्मी पूरी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा था कि हम ऑर्डर 21 रूल 41 (3) के तहत अर्जी दाखिल करेंगे, जिसमें कहा गया है कि अगर कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हलफनामा दाखिल नहीं किया जाता है, तो 3 महीने की जेल की सजा है. कोई डिटेल नहीं आई है. उन्हें कार्रवाई के कारण से लेकर डिक्री तक बैंक और संपत्ति का ब्यौरा दाखिल करना था. कोर्ट ने गोखले के वेतन की कुर्की के लिए सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 60 का अवलोकन किया.
कोर्ट ने कहा था कि हम सीआईसी के अनुसार दो तिहाई तक वेतन कुर्क कर सकते है. कोर्ट ने पिछले साल 1 जुलाई को गोखले से चार सप्ताह के भीतर सोशल मीडिया पर मांगने और पूरी को 50 लाख रुपए का हर्जाना देने को कहा था. उस आदेश के क्रियान्वयन नहीं होने पर पूरी ने याचिका दाखिल कर आदेश को क्रियान्वयन की मांग की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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