NIA द्वारा जारी की गई तस्वीर.
26/11 आतंकी हमलों के मास्टर माइंड तहव्वुर राणा की पटियाला हाउस कोर्ट में हैंडराइटिंग के नमूना लिया गया. पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट वैभव कुमार की कोर्ट में राणा हैंडराइटिंग के नमूने लेने के लिए पेश किया गया. राणा के हैंडराइटिंग का नमूना मजिस्ट्रेट के सामने इसलिए लिया गया ताकि वो अपने बयान से मुकर ना जाए.
अदालत ने एनआईए की मांग पर पिछले दिनों तहव्वुर राणा केआवाज़ और हैंडराइटिंग के नमूने लेने की एनआईए को अनुमति दे दिया था. एनआईए ने पटियाला हाउस कोर्ट के एनआईए के कोर्ट में अर्जी दाखिल कर तहव्वुर राणा की आवाज़ और हैंडराइटिंग के नमूने लेने की इजाजत मांगी थी.
12 दिन की एनआईए रिमांड पर है तहव्वुर राणा
तहव्वुर राणा फिलहाल 12 दिनों की एनआईए रिमांड पर है. इससे पहले कोर्ट ने तहव्वुर राणा की उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें तहुव्वर राणा ने अपने परिवार से फोन पर बातचीत की इजाज़त मांगी थी.
NIA ने राणा की अर्जी का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग किया था. एनआईए का कहना था कि राणा के खिलाफ जांच अहम चरण में है. ऐसे में अगर उसे घरवालों से बातचीत की इजाज़त मिलती है. तो वह कुछ अहम जानकारी लीक कर सकता है.
मामले की सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा के वकील ने दलील दी थी कि एक विदेशी नागरिक के तौर पर यह उसका मौलिक अधिकार है कि वह अपने परिवार से बात करे, जो हिरासत में रहने के दौरान उसके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंतित हैं. मालूम हो कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी देने के बाद उसे भारत लाया गया है.
भारत में आतंकवाद और देशद्रोह के गंभीर आरोप
अदालती आदेश से वह पूछताछ के लिए अभी एनआईए की हिरासत में है. भारत में राणा के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हत्या करने, जालसाजी के दो मामलों को अंजाम देने और आतंकवादी कृत्य करने सहित विभिन्न अपराधों को अंजाम देने का आरोप है. तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. वह कनाडियाई नागरिक है. वह डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी है, जो 26/11 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है.
वर्ष 2023 में 14 साल की सजा पूरी करने के बाद राणा वर्तमान में लांस एंजिल्स में एक महानगरीय निरोध केंद्र में निगरानी में हिरासत में था. राणा पर पहले इलिनोइस के उत्तरी जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के निचली अदालत में मुकदमा चलाया गया था, जूरी ने राणा को काउंट 12 (लश्कर-ए-तैयबा को भौतिक सहायता प्रदान करना) में दोषी ठहराया था.
-भारत एक्सप्रेस
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