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उद्धव ठाकरे ने शिवसेना सिंबल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की, कपिल सिब्बल ने रखी याचिका

शिवसेना पार्टी सिंबल विवाद में उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट से गर्मियों की छुट्टियों में सुनवाई की मांग की है. वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग ने संविधान के विरुद्ध केवल विधायी बहुमत के आधार पर फैसला लिया है.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट.

शिवसेना पार्टी सिंबल विवाद मामले में उद्धव ठाकरे ने अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की है. उद्धव ठाकरे की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कल महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया है. ऐसे में उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाए. जिसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कपिल सिब्बल से पूछा कि आपको बहस करने के लिए कितना समय चाहिए ? सिब्बल ने 20 मिनट का समय मांगा है.

सिब्बल ने चुनावों चिन्ह के बारे में जब बताया तो जस्टिस सूर्यकांत ने जवाब दिया कि लोग साक्षर हैं और शहरी क्षेत्रों में कोई बाधा नहीं है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह एक समस्या हो सकती है.

सुनवाई के दौरान सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले को गर्मियों की छुट्टियों के दौरान सूचीबद्ध करने का आग्रह किया. उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

विधानसभा बहुमत पर आधारित निर्णय का विरोध

सिब्बल ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के 2023 के संविधान निर्णय पर भरोसा कर रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि विधायी बहुमत को यह तय करने के लिए मानदंड के रूप में इस्तेमाल नही किया जा सकता कि कौन-सा गुट असली पार्टी है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने केवल विधायी बहुमत का परीक्षण के आधार पर निर्णय लिया.

बता दें कि 2022 में शिवसेना के दो फाड़ हो गया था. शिवसेना में फूट पड़ने के बाद चुनाव आयोग ने शिवसेना और धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे को दे दिया था. दायर याचिका में ठाकरे ने दलील दी कि चुनाव आयोग इस बात को समझने में विफल रहा है कि याचिकाकर्ता को पार्टी के कार्यकर्ताओं और कार्यकर्ताओं से भारी समर्थन हासिल है.

इसके अलावा याचिका में यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पैरा 15 के तहत विवादों के तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहा है और उसने अपनी संवैधानिक स्थिति को कमजोर करने का काम किया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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