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Kapil Sibal: सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की 10वीं अनुसूची की व्याख्या को चुनौती देने वाली वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिका में उस प्रावधान पर सवाल उठाया गया है, जिसके तहत किसी राजनीतिक दल में विलय करके विधायक दलबदल कानून के तहत अयोग्य होने से बच सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दलबदल कानून की व्याख्या को चुनौती देने वाली नई याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है.

Kapil Sibal anti defection law petition: वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की दलबदल विरोधी कानून से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 24 जुलाई को सुनवाई करेगा. याचिका में संसद की बदलती संरचना और दलबदल कानून की व्याख्या को लेकर व्यापक संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं.

सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट में कपिल सिब्बल और केंद्र सरकार के बीच तीखी बहस हुई. हाई कोर्ट ने तत्काल अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा.

सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेश निर्वासित की गई गर्भवती महिला सोनाली खातून और उसके बच्चे के मामले में केंद्र सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए आखिरी मौका दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता ग्रुप की उस याचिका पर फिलहाल सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसमें जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अडानी समूह के रिजॉल्युशन प्लान को चुनौती दी गई थी.

लैंड फॉर जॉब भ्रष्टाचार मामले में लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी.

देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों द्वारा मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयानों के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने वापस ले लिया. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने संशोधित याचिका दायर करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई जारी है. केंद्र ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए कड़ा विरोध किया, जबकि याचिकाकर्ता ने हिरासत प्रक्रिया में देरी और कानूनी खामियों का हवाला दिया.

बिहार एसआईआर की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.