पद्मश्री पुरस्कार लेते हुए डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन. (फाइल फोटो)
कर्नाटक के श्रीरंगपट्टनम से एक बड़ी खबर सामने आई है. प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सुब्बन्ना अय्यप्पन (Dr. Subbanna Ayyappan), जो कुछ दिनों से लापता थे, उनका शव शनिवार शाम कावेरी नदी से बरामद किया गया. उनका शव श्रीरंगपट्टनम स्थित साई आश्रम के पास नदी में मिला. इस खबर से वैज्ञानिक और शैक्षणिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.
7 मई को Dr. Subbanna Ayyappan हो गए थे लापता
डॉ. अय्यप्पन (Dr. Subbanna Ayyappan) मैसूरु के विश्वेश्वर नगर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पत्नी के साथ रहते थे. वे 7 मई से लापता थे और तभी से उनकी तलाश की जा रही थी. पुलिस ने बताया कि शनिवार शाम को स्थानीय लोगों ने कावेरी नदी में एक अज्ञात शव देखे जाने की सूचना दी थी. जब श्रीरंगपट्टनम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला, तब उसकी पहचान डॉ. अय्यप्पन के रूप में हुई.
नदी किनारे खड़ा मिला स्कूटर
मंड्या पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक का स्कूटर नदी किनारे खड़ा मिला था, जिससे अंदेशा है कि वह उसी दिन नदी की ओर गए थे. परिवार ने मैसूर के विद्यारणपुरम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. प्रारंभिक जांच में कहा गया है कि उन्होंने शायद नदी में छलांग लगा दी होगी, हालांकि उचित जांच के बाद ही मौत की वजह सामने आएगी.
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अय्यप्पन ने मत्स्य पालन में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की और राष्ट्रीय स्तर पर कई शीर्ष पदों पर रहे. भारत की नीली क्रांति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पद्म श्री पुरस्कार विजेता अय्यप्पन ने देश की कृषि को बढ़ावा देने में मदद की, जिसके बाद 2022 में सरकार द्वारा उनके योगदान को मान्यता दी गई.
-भारत एक्सप्रेस
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