देश की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की सब-इंस्पेक्टर गीता समोटा ने 19 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारत का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया. यह उपलब्धि केवल पर्वतारोहण की नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और महिला सशक्तिकरण की मिसाल है.
गीता समोटा पहले भी कई कठिन पर्वतों को फतह कर चुकी हैं. वर्ष 2019 में उन्होंने माउंट सतोपंथ और नेपाल की माउंट लोबुचे चढ़ी थीं. ये उपलब्धि हासिल करने वाली वे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की पहली महिला अधिकारी बनीं.
छह महीने में चार महाद्वीपों की चोटियां कीं फतह
इसके बाद 2021 से 2022 के बीच मात्र छह महीने और सत्ताइस दिन के भीतर उन्होंने चार महाद्वीपों की ऊंची चोटियां फतह कीं जिनमें ऑस्ट्रेलिया का माउंट कोसियस्ज़को, रूस का माउंट एल्ब्रस, तंजानिया का माउंट किलिमंजारो और अर्जेंटीना का माउंट अकॉनकागुआ शामिल हैं. इन चोटियों को फतह करने के साथ ही वे यह उपलब्धि सबसे तेजी से हासिल करने वाली भारतीय महिला बनीं.
गीता ने लद्दाख के रूपशु क्षेत्र में भी मात्र तीन दिनों में पांच चोटियों पर चढ़ाई की, जिनमें से तीन छह हजार मीटर से ऊंची और दो पांच हजार मीटर से ऊपर की थीं. उनके इस अद्भुत साहस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है. उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 के मौके पर दिल्ली महिला आयोग द्वारा सम्मानित किया गया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उन्हें ‘गिविंग विंग्स टू ड्रीम्स अवॉर्ड 2023’ से नवाजा.
गीता समोटा की यह यात्रा सिर्फ पर्वतारोहण की नहीं है, बल्कि यह हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहता है. उन्होंने यह साबित किया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो दुनिया की कोई भी ऊंचाई मापी जा सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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