सांकेतिक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो से जुड़े एक मामले में बड़ा आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए रेप के दोषी की सजा को माफ कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि दोषी ने पीड़िता से शादी कर ली है. लिहाजा मुकदमे का निपटारा किया जाता है. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ये आंख खोलने वाला मामला है.
कोर्ट ने कहा कि कानून के नजर में यह अपराध जरूर है, लेकिन पीड़िता ने इसे कभी भी अपराध की तरह नही देखा है. उसे इसके चलते सामाजिक दबाव और कानूनी प्रक्रिया के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
कोर्ट ने कहा कि अब लड़की दोषी से शादी कर चुकी है और वो अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश है. यह मामला 2018 का हैं. जब पश्चिम बंगाल में एक 14 साल की लड़की के लापता होने की शिकायत उसके परिवार ने दर्ज की थी. बाद में पता चला कि लड़की ने 25 साल के एक युवक से शादी कर ली थी.
लड़की के परिवार ने इस मामले में शिकायत दर्ज की और निचली अदालत ने युवक को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और आईपीसी की धारा 376 (3) और धारा 376 (2) के तहत के दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी.
मामला हाई कोर्ट पहुचा और हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा और सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया.’
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-भारत एक्सप्रेस
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