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मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को संसद उड़ाने की धमकी मामले में 6 महीने की सजा

Explosive Substances Act: पूर्व विधायक किशोर समरीते को संसद उड़ाने की धमकी के मामले में 6 महीने की सजा. दिल्ली कोर्ट ने आईपीसी धारा 506 के तहत दोषी ठहराया.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को सितंबर 2022 में संसद को उड़ाने की कथित धमकी देने के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने छह महीने की सजा सुनाई है.

विशेष न्यायाधीश डॉ. विशाल गोगने की अदालत ने समरीते को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 506 भाग 2 (जान से मारने या गंभीर चोट की धमकी) के तहत दोषी ठहराया और उन पर जुर्माना भी लगाया. हालांकि, उन्हें विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5(ए) और 9बी(1)(बी) के तहत आरोपों से बरी कर दिया गया, क्योंकि जांच में पाया गया कि उनके द्वारा भेजे गए पार्सल में मौजूद पदार्थ विस्फोटक क्षमता में हानिरहित था.

16 सितंबर 2022 को समरीते ने राज्यसभा के महासचिव के कार्यालय को एक धमकी भरा पत्र भेजा था, जिसमें संविधान, भारतीय ध्वज की प्रति और एक संदिग्ध पदार्थ शामिल था. पत्र में मांगें पूरी न होने पर संसद को उड़ाने की धमकी दी गई थी. कोर्ट ने माना कि यह धमकी गंभीर प्रकृति की थी, जिसके आधार पर समरीते को दोषी ठहराया गया. इस धारा के तहत अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है, लेकिन कोर्ट ने छह महीने की सजा और जुर्माना तय किया.

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी से विधायक रहे समरीते का यह कृत्य राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखा गया. अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही पदार्थ हानिरहित था, लेकिन धमकी का इरादा गंभीर अपराध है. यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है.



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