Bharat Express DD Free Dish

विदेशी निवेश पाने वाले एशिया के टॉप 3 बाजारों में भारत: BofA Sec

बैंकोफअमेरिका के अनुसार, भारत एशिया के शीर्ष तीन देशों में विदेशी निवेश आकर्षित करेगा. रुपये में मजबूती और आरबीआई की संभावित दर कटौती से निवेश में तेजी आ सकती है.

Indian Stock Market

बैंकोफअमेरिका सिक्योरिटीज के एक अधिकारी ने रॉयटर्स से बात करते हुए कहा कि भारत की बाजार संभावित रूप से एशिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होंगे, जहां विदेशी निवेश फिर से आएगा, जब व्यापारिक टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं कम होंगी. इस समय सबसे ज्यादा फायदा रुपये और स्थानीय मुद्रा में जारी बांडों को होगा.

डेविड हाउनेर, जो कि बैंकोफअमेरिका में वैश्विक उभरते बाजारों के फिक्स्ड इनकम रणनीति के प्रमुख हैं, ने कहा कि भारत में निवेश के लिए बहुत सारे सकारात्मक कारण हैं, जो दूसरे एशियाई बाजारों में नहीं मिलते. उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान और दक्षिण कोरिया भी निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकते हैं.

रुपये का रुख

रुपया मंगलवार को 85.59 के स्तर पर था और इस साल लगभग स्थिर है. हाउनेर का मानना है कि 2025 के अंत तक रुपये का मूल्य डॉलर के मुकाबले 84 तक बढ़ सकता है. हालांकि, रुपये की कीमत 84 से ऊपर भी जा सकती है, खासकर डॉलर की कमजोरी के कारण, परन्तु केंद्रीय बैंक के भंडार बढ़ाने की वजह से यह स्तर लगभग स्थिर रहेगा.

निवेश में बढ़ोतरी

हाउनेर ने कहा कि साल के दूसरे हिस्से में निवेश में वृद्धि होगी. इसके पीछे मुख्य वजह वैश्विक मुद्रास्फीति में कमी और उभरते बाजारों के फिक्स्ड इनकम में विश्वास बढ़ना होगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि डॉलर कमजोर हो रहा है और कई उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं, जिससे निवेश आकर्षित होगा.

हालांकि, अप्रैल और मई में विदेशी निवेशकों ने भारत सरकार के बांडों को करीब 320 अरब रुपये (3.74 अरब डॉलर) से ज्यादा बेचा है. हाउनेर ने कहा कि यह बिकवाली व्यापारिक तनावों की वजह से हुई, लेकिन कई निवेशक अभी भी अमेरिकी मनी मार्केट फंड में पैसा रखे हैं, जो साल के अंत तक भारत की ओर आ सकता है.

आरबीआई की दर में कटौती

बैंकोफअमेरिका की उम्मीद है कि भारतीय रिज़र्व बैंक इस साल शेष समय में 50 बेसिस पॉइंट और रेपो दर घटाएगा. रिज़र्व बैंक ने 2025 में अब तक 50 बेसिस पॉइंट की कटौती की है. हाउनेर का मानना है कि भारत के पांच साल के सरकारी बॉन्ड बेहतर विकल्प हैं और पूरी बॉन्ड कर्व पर यील्ड में 25-50 बेसिस पॉइंट की गिरावट आ सकती है. मंगलवार को पांच साल के बॉन्ड की यील्ड 5.85% थी.

ये भी पढ़ें: मूडीज़ का दावा: भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत, बैंकिंग सेक्टर का NPL 2-3% के बीच स्थिर रहेगा

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read