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केरल के त्रिशूर में स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल हुआ ज़ुम्बा डांस, छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई पहल

केरल के त्रिशूर जिले के स्कूलों में ज़ुम्बा डांस को नशा विरोधी अभियान के तहत पाठ्यक्रम में शामिल किया गया, जिससे छात्रों को फिट और मानसिक रूप से सक्रिय रखा जा सके.

Zumba Dance in Kerala Schools

Zumba Dance in Kerala Schools: केरल के त्रिशूर जिले में छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्कूलों के नियमित पाठ्यक्रम में ज़ुम्बा डांस को शामिल किया गया है.

यह पहल राज्य में चल रहे स्कूल-स्तरीय नशा विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में संलग्न कर उन्हें नशे जैसी आदतों से दूर रखना है.

क्या है ज़ुम्बा डांस?

ज़ुम्बा एक इंटरैक्टिव और ऊर्जावान नृत्य शैली है, जो न सिर्फ शरीर को फिट रखने में मदद करती है, बल्कि छात्रों को मानसिक रूप से भी सशक्त बनाती है.

इस कार्यक्रम को केरल सरकार और जिला शिक्षा विभाग द्वारा मिलकर शुरू किया गया है.

अधिकारियों का मानना है कि बच्चों को नशे के खतरे से दूर रखने के लिए उन्हें ऐसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाना जरूरी है, जो उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय रखें, बल्कि मानसिक रूप से भी तरोताजा रखें.

त्रिशूर के कई स्कूलों में इस पहल को छात्रों और शिक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. ज़ुम्बा सत्रों से छात्रों की उपस्थिति में सुधार, आत्मविश्वास में वृद्धि और पढ़ाई के तनाव में कमी देखी जा रही है.

केरल सरकार ने कि ‘विमुक्ति मिशन’ की शुरुवात

यह पहल केरल सरकार की नशा विरोधी मुहिम ‘विमुक्ति मिशन’ से भी जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है.

ज़ुम्बा डांस को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करना न केवल स्वास्थ्य की दिशा में एक रचनात्मक प्रयास है, बल्कि यह नशे के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक संदेश भी है. यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय साबित हो सकता है.


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-भारत एक्सप्रेस



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