UP News: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अयोध्या दौरे के दौरान प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा सवाल उठाया, जिससे सरकारी महकमे में हलचल मच गई है. अयोध्या के डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में आयोजित CSR कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन तो आसानी से हो जाते हैं लेकिन सरकारी फाइलों के दर्शन बेहद मुश्किल हैं.
राज्यपाल ने क्या कहा ?
राज्यपाल ने मंच से कहा कि लोग दूर-दूर से अयोध्या आते हैं और उन्हें रामलला के दर्शन सरलता से हो जाते हैं लेकिन जब बात सरकारी कामकाज की आती है तो फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल घूमती रहती हैं. हर टेबल पर नई-नई कमियां निकाली जाती हैं जिससे आम जनता को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जब फाइल पहली बार टेबल पर आए तभी सारी कमियां निकाल ली जाएं ताकि प्रक्रिया सरल हो सके.
सोशल मीडिया पर वायरल
राज्यपाल का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे प्रशासन की कार्यप्रणाली सुधारने का संकेत माना जा रहा है. अफसरों में इस टिप्पणी के बाद से ही बेचैनी है क्योंकि उन्हें कार्रवाई का डर सताने लगा है.
कार्यक्रम में क्या हुआ ?
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने 70 आंगनबाड़ी भवनों का शिलान्यास किया और जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों को 1000 प्री-स्कूल किट उपलब्ध कराने हेतु समझौता ज्ञापन भी संपन्न हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या सिर्फ उत्तर प्रदेश की नहीं है बल्कि पूरे देश में यही हाल है.
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जनता के दर्द की आवाज
राज्यपाल की इस टिप्पणी को जनता के दर्द की आवाज माना जा रहा है जो सरकारी दफ्तरों की जटिलताओं से जूझ रही है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस सख्त संदेश को कितना गंभीरता से लेता है और क्या वाकई कार्यशैली में कोई बदलाव आता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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