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अमेरिका के इन हथियारों के सामने स्टार वॉर का ‘लाइटसेबर’ भी है फेल, जंग में ला देते हैं ‘प्रलय’

US Military Weapons: अमेरिका ने अपनी सेना के लिए कुछ ऐसे हथियार बनाए हैं. जो किसी साइंस फिक्शन मूवी की तरह लगते हैं. इनमें से कुछ तकनीकें स्टार वॉर फिल्म के जैसे हैं. जिनका दुश्मन सामना नहीं कर सकते.

US Military Weapons

दुनिया में सबसे ताकतवर मानी जाने वाली अमेरिकी सेना की ताकत उसके उन्नत हथियार हैं. अमेरिका हर साल सैन्य तकनीक अनुसंधान पर 728 अरब डॉलर खर्च करता है. इसका नतीजा ये है कि अमेरिकी हथियारों का दुनिया के किसी भी देश के पास तोड़ नहीं है. अमेरिका ने अपनी सेना के लिए कुछ ऐसे हथियार बनाए हैं. जो किसी साइंस फिक्शन मूवी की तरह लगते हैं. हम आज इसी टाइप के 6 ऐसे हथियारों के बारे में बताएंगे. जिनके बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे.

1. PHASR Laser Rifle

PHASR यानी Personnel Halting and Stimulation Response का निर्माण अमेरिकी रक्षा विभाग ने भीड़ नियंत्रण और टैक्टिकल ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया है. इस राइफल का काम दुश्मन को अस्थाई रूप से अंधा करने और भ्रमित करना है. इस राइफल से दो अलग-अलग लेजर बीम निकलती हैं. जो आंखों में पड़ते ही कुछ समय के लिए दुश्मन के विजन को ब्लर कर देती हैं.

PHASR Laser Rifle

2. RAILINK

RAILINK अमेरिकी रक्षा विभाग के द्वारा बनाया गया एक सैन्य हेलमेट है. इसका पूरा नाम Ops-Core RAILINK है. यह अमेरिकी सैनिकों के लिए एक ‘पावर हब’ है. हेलमेट में लगे एक ही रेल से नाइट विजन, कैमरा, कम्युनिकेशन डिवाइस और दूसरे हेड-माउंटेड गैजेट्स को पावर और डेटा सप्लाई मिलती है. इससे सैनिक को ऑपरेशन के दौरान कई अलग-अलग बैटरी पैक या तारों की जरूरत नहीं पड़ती. जिससे फील्ड में किसी सैनिक की मूवमेंट फास्ट और फ्री हो जाती है.

3. Pulsar

अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी Anduril Industries के द्वारा विकसित Pulsar एक AI-संचालित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वारफेयर सिस्टम है. यह पास में मौजूद रडार, ड्रोन, रेडियो सिग्नल जैसे इलेक्ट्रॉनिक खतरों को तुरंत पहचान लेता है और उन्हें जाम कर देता है. Pulsar की खास बात ये है कि यह काम वो पलक झपकते ही कर देता है. जिसकी वजह से दुश्मन को रिएक्ट करने के लिए समय ही नहीं मिल पाता.

4. SCORPION Mobile Mortar System

SCORPION को दुनिया के सबसे तेज मोबाइल मोर्टार सिस्टम में गिना जाता है. यह ऑटोमैटिक, डिजिटल सिस्टम सिर्फ 2 मिनट में 8 राउंड फायर कर सकता है. फायर करने के बाद SCORPION तुरंत अपनी पोजीशन बदल सकता है. जिसकी वजह से दुश्मन का जवाबी हमला बेकार हो जाता है.

5. BANS

BANS अमेरिका के द्वारा विकसित एक एक नॉन-लीथल एयर डिफेंस सपोर्ट सिस्टम है. यह दुश्मन के विमान या हेलिकॉप्टर को धोखा देकर उनके मिसाइल चेतावनी सिस्टम को ट्रिगर कर देता है. जिसकी वजह से विमान का फ्लेयर्स सिस्टम शुरू हो जाता है. फ्लेयर्स सिस्टम शुरू होते ही विमान की पोजिशन और मूवमेंट उजागर हो जाती है.

6. Black Hornet 3 Nano-Drone

Black Hornet 3 एक अल्ट्रा-लाइटवेट (सिर्फ 33 ग्राम) नैनो ड्रोन है, जो पूरी तरह से साइलेंट उड़ता है. अमेरिकी सैनिक इसे दुश्मन की पोजीशन का रियल-टाइम वीडियो और फोटो पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसका आकार इतना छोटा है कि यह हथेली में छिप सकता है, लेकिन इसकी कैमरा और सेंसर क्षमता किसी बड़े ड्रोन से कम नहीं है.

दुनिया के कई देश अपनी सेनाओं को ताकतवर बनाने के लिए हाईटेक तकनीकों पर काम कर रहे हैं. इनमें भारत भी शामिल है. भारत ने भी सुदर्शन नाम का लेजर गाइडेड गन का निर्माण किया है. जिसकी मदद से जमीन से ही हवा में उड़ रहे ऑब्जेक्ट्स को निशाना बनाया जा सकता है.

– भारत एक्सप्रेस



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