केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए गुवाहाटी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
यह देश का 22वां IIM होगा और पूर्वोत्तर में शिलांग (2007 में स्थापित) के बाद दूसरा. परियोजना के लिए केंद्र ने 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तय किया है.
गुवाहाटी बनेगा मैनेजमेंट एजुकेशन का बड़ा सेंटर
गुवाहाटी पहले से ही शिक्षा का अहम केंद्र माना जाता है. यहां IIT गुवाहाटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एंड जुडिशियल एकेडमी और चांगसारी में AIIMS जैसी शीर्ष संस्थाएं मौजूद हैं.
अब IIM के आने से यह शहर न केवल इंजीनियरिंग और मेडिकल, बल्कि मैनेजमेंट एजुकेशन में भी नई पहचान बनाएगा.
पूर्वोत्तर में लंबे समय से महसूस हो रही थी कमी
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वोत्तर में लंबे समय से उच्च स्तरीय मैनेजमेंट संस्थान की जरूरत महसूस हो रही थी. नए IIM से न सिर्फ यहां के छात्रों को बल्कि देशभर से आने वाले युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले कोर्स और रिसर्च के अवसर मिलेंगे.
इससे स्थानीय टैलेंट को बढ़ावा मिलेगा, उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) को प्रोत्साहन मिलेगा और उन क्षेत्रों में क्षमता विकास होगा जो क्षेत्र की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी हैं.
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केंद्र की बड़ी रणनीति का हिस्सा
अधिकारियों का कहना है कि गुवाहाटी में IIM खोलना केंद्र की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को तेजी से बढ़ाया गया है. इसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय, AIIMS कैंपस और विशेष शोध केंद्र शामिल हैं.
इस पहल का मकसद है कि क्षेत्रीय असमानता को खत्म किया जाए, युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाई जाए और पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय और वैश्विक आर्थिक नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ा जाए.
संसद में पेश होगा बिल
सरकार इस संबंध में एक बिल मौजूदा सत्र में संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है. बिल पारित होते ही गुवाहाटी IIM की स्थापना की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी, जिससे पूर्वोत्तर के शिक्षा परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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