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मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर संदीपा विर्क 18 अगस्त तक ईडी रिमांड पर

सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर संदीपा विर्क को मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले में 18 अगस्त तक ED रिमांड पर भेजा गया है. ED की जांच में सामने आया कि विर्क ने झूठे वादों के जरिए करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति अर्जित की.

tis hazari court

तीस हजारी कोर्ट.

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर संदीपा विर्क को तीस हजारी कोर्ट ने 18 अगस्त तक के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया है. विर्क की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद स्पेशल जज की कोर्ट में 18 अगस्त को पेश किया जाएगा. ईडी के मुताबिक जांच में पता चला है कि संदीपा विर्क ने झूठे वादे और धोखाधडी करके अपने नाम पर अचल संपत्ति अर्जित की है.

वह hyboocare. com नामक एक वेबसाइट की मालिक होने का दावा करती है, जो कथित तौर पर एफडीए अनुमोदित सौंदर्य उत्पाद बेचती है. हालांकि ईडी का आरोप है कि वेबसाइट पर सूचीबद्ध उत्पाद वास्तव में मौजूद नहीं हैं.

ईडी ने 12 अगस्त और 13 अगस्त को दिल्ली और मुंबई में कई स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत छापेमारी की. यह कार्रवाई संदीपा विर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है. पंजाब के एसएएस नगर फेज-8 थाने में दर्ज धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के मामले के आधार पर ईडी ने जांच शुरू थी.

आरोप है कि संदीपा विर्क ने झूठे वादे कर लोगों से पैसे वसूले और बेनामी संपत्ति खरीदी. जांच से पता चला कि संदीपा विर्क का रिश्ता अंगाराई नटराजन सेतुरामन से था. जो पहले रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के डायरेक्टर रह चुके है. दोनों के बीच गैर-कानूनी काम को लेकर बातचीत होती है.

2018 में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से लगभग 18 करोड़ रुपये और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से 22 करोड़ रुपए का होम लोन नियमों को ताक पर रख कर मंजूर किया गया था, जिनका बड़ा हिस्सा siphon कर लिया गया और उसे वापस नही किया गया.

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भारत एक्सप्रेस



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