Bharat Express DD Free Dish

सुप्रीम कोर्ट से UP पुलिस को झटका, कोर्ट ने कहा जमानत बेअसर करने के लिए नई FIR नहीं होगी दर्ज

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ा झटका देते हुए आदेश दिया कि आरोपी को जेल में रखने के लिए बार-बार नई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी नई प्राथमिकी में गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी.

Supreme Court
Edited by Akansha

सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश पुलिस को झटका लगा है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी को जेल में रखने के लिए बार-बार नई एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती है. सीजेआई बी. आर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने एक अहम आदेश देते हुए कहा कि याचिककर्ताओ को इस अदालत की अनुमति के बिना किसी भी बाद कि प्राथमिकी में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.

कोर्ट ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ दर्ज नई एफआईआर में दिया जमानत

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि जैसे ही उन्हें किसी केस में जमानत मिलती है, यूपी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर देती है, ताकि वह जेल से बाहर न आ सके. जिसके बाद कोर्ट ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ दर्ज नई एफआईआर में भी जमानत दे दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी नई प्राथमिकी में गिरफ्तारी के लिए कोर्ट के अनुमति जरूरी है.

कोर्ट के जमानत देने के बाद भी पुलिस ने दर्ज किया FIR

बता दें कि हाई कोर्ट ने 12 अगस्त को एक आरोपी को आईपीसी की धारा 376 D, 323 और 506 में जमानत तो दे दिया, लेकिन अगले ही दिन 13 अगस्त को पुलिस ने उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और आईपीसी की गंभीर धाराओं में नई एफआईआर दर्ज कर दिया. दरअसल याचिकाकर्ता के पिता बहुजन समाज पार्टी से एमएलसी रह चुके हैं. परिवार का आरोप है कि यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद से सत्ता धारी पार्टी के इशारे पर पुलिस उन्हें निशाना बना रही है.

ये भी पढ़ें: नौकरियां, निर्यात और विकास दर… Trump द्वारा लगाया गया 50% टैरिफ हमारी अर्थव्‍यवस्‍था को कैसे प्रभावित करेगा? समझिए

अब तक कुल 33 आपराधिक मामले दर्ज

अभी तक कुल 33 आपराधिक मामले दर्ज किया जा चुका है. उनका यह भी आरोप है कि भू माफियाओं ने उनकी सम्पत्तियों पर अवैध कब्जा भी कर लिया है. गौरतलब है कि इसी तरह के एक मामले में मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को आदेश दिया था कि वे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दिया था.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read