Urdu Conclave 2026

NEET-PG 2025: पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

नीट-पीजी 2025 को लेकर विवाद और गहरा गया है. डॉक्टर उपेंद्र यादव व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई है. याचिका में उत्तर कुंजी की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए NBEMS की अधिसूचना को चुनौती दी गई है.

Supreme Court

नीट-पीजी 2025 से संबंधित मामले में शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक और नई याचिका दायर की गई है. याचिका नीट-पीजी 2025 उत्तर कुंजी की पारदर्शिता पर सवाल उठाया गया है. यह याचिका डॉक्टर उपेंद्र यादव और अन्य की ओर से दायर की गई है. दायर याचिका में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज की 21 अगस्त 2025 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है. दायर याचिका में मांग की गई है कि प्रश्नपत्र उसी क्रम में दिखे जिस क्रम में परीक्षार्थी ने परीक्षा दिया है. साथ ही उनके चिन्हित उत्तर और सही उत्तर साथ में प्रदर्शित करने की मांग की गई है. इसके अलावे स्पष्ट मैपिंग की भी मांग की गई है. ताकि अभ्यर्थी सार्थक आपत्तियां दर्ज करा सकें.

अनुच्छेद 14 और 21 का हो रहा उल्लंघन

याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन करती है, क्योंकि केवल तकनीकी ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थी ही जांच कर सकते हैं. याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 21 (न्यायसंगत प्रक्रिया का अधिकार) का हनन है, क्योंकि उम्मीदवारों को निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया से वंचित किया गया. यह भी कहा गया है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, क्योंकि सार्थक आपत्ति दर्ज करने का अवसर नहीं मिला.

NBEMS की अधिसूचना को चुनौती

बता दें कि एनबीईएमएस ने अधिसूचना जारी कर उत्तर कुंजी और प्रतिक्रियाओं को सिर्फ प्रश्न आईडी नंबर से जोड़कर प्रदर्शित करने का आदेश दिया है. बता दें कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए के लिए ऑल इंडिया 50 फीसदी कोटा सीटों पर प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. नीट पीजी परीक्षा तीन अगस्त को आयोजित हुई थी. इसका रिजल्ट 19 अगस्त को घोषित किए गए थे.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. कोर्ट ने कहा था कि दो शिफ्ट के प्रश्नपत्र पेपर कभी भी एक जैसे डिफकल्टी लेवल के नहीं हो सकती.

कोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया था कि एक शिफ्ट में परीक्षा पर्याप्त सेंटर नहीं मिलेंगे.

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