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प्रधानमंत्री मोदी का ‘हर घर स्वदेशी अभियान, नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

Har Ghar Swadeshi Movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ पहल देशवासियों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रभक्ति की भावना को जगाती है. जानें कैसे यह अभियान भारतीय उत्पादों, तकनीक और नागरिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा.

PM Modi

Har Ghar Swadeshi Movement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया संदेश ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ देश के हर कोने में गूंज रहा है. 1.4 अरब भारतीयों के बीच इस पहल ने आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की भावना को फिर से जीवित कर दिया है. पीएम मोदी लंबे समय से आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को राष्ट्रीय ताकत का आधार मानते आए हैं, और इसे एक विकसित भारत के निर्माण का मूल स्तंभ बताते हैं.

PM मोदी ने 7 अगस्त 2015 को तमिलनाडु में राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाकर देश के बुनकर समुदाय को सम्मानित किया था. यह तारीख और स्थान ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं. दरअसल, इसी दिन 1905 में बंगाल के विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी. इस आंदोलन ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया. तमिलनाडु के वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई ने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1906 में उन्होंने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी की स्थापना कर तटीय व्यापार के पहले स्वदेशी मार्ग की शुरुआत की.

स्वदेशी आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व

स्वदेशी आंदोलन में बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय जैसे नेता अग्रणी थे. 1918 में महात्मा गांधी ने चरखा को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया. खादी, यानी हाथ से बनी और बुनाई हुई कपड़ा, केवल वस्त्र नहीं बल्कि देशभक्ति और आर्थिक स्वतंत्रता का साधन बन गई. यह ग्रामीण समुदायों को रोजगार देता और ब्रिटिश शासन से आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करता. स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस की लाइसेंस-कोटा व्यवस्था ने इस स्वदेशी अभियान को बाधित किया.

सितंबर 2014 में पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया पहल शुरू की, जिससे भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया. मई 2020 में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य था देश की अर्थव्यवस्था को हर क्षेत्र में मजबूत और लचीला बनाना. इसी अभियान के तहत वोकल फॉर लोकल पहल की शुरुआत हुई, जिससे भारतीय उत्पादों के प्रति गर्व और समर्थन को बढ़ावा मिला.

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान

पिछले 11 वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. वैश्वीकरण के महत्व के बावजूद, कोविड महामारी के समय पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता अनिवार्य है. उन्होंने भारतीय निर्मित कोविड वैक्सीन पर भरोसा जताया, जिससे देशवासियों को 22 करोड़ से अधिक डोज़ उपलब्ध कराई गई और भारत ने 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन सप्लाई की.

सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, रक्षा में भी आत्मनिर्भरता के उदाहरण हैं. ऑपरेशन सिंदूर, भारत की एक बड़ी सैन्य सफलता, स्वदेशी हथियारों और तकनीक पर आधारित थी, जिसने देश को स्वतंत्र और निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम बनाया.

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक का महत्व

इस साल के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने अपने भाषण में भारत के आत्मनिर्भर भविष्य पर जोर दिया. उन्होंने मिशन सुदर्शन चक्र, मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स, स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन और भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसी महत्वाकांक्षी पहलों का ऐलान किया. साथ ही, युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से मेड इन इंडिया लड़ाकू विमान बनाने की चुनौती दी. इन सभी कदमों से स्पष्ट होता है कि स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत पीएम मोदी की प्राथमिकता है.

प्रधानमंत्री के शब्द हैं, “एक राष्ट्र के लिए सबसे बड़ी मानवीय गरिमा उसकी आत्मनिर्भरता है.” यह वाक्य आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है. 2022 में शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान देश के हर नागरिक में देशभक्ति की भावना जगाने में सफल रहा. अब ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ पहल नागरिकों को सशक्त बनाकर उन्हें विकसित भारत की ओर अग्रसर करने का मार्ग दिखाएगी.

इस पहल से न केवल भारतीय उत्पादों और तकनीक को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने योगदान से राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में भागीदार बनेगा. स्वदेशी की यह भावना न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक रूप से भी भारत को सशक्त बनाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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