सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की याचिका की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ में नहीं हो सकी. मामले की सुनवाई का समय तय होने के बावजूद अदालत में procedural अड़चनें सामने आने के कारण सुनवाई आगे टाल दी गई. सांसद मसूद के खिलाफ यह मामला सहारनपुर के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है. आरोप है कि वर्ष 2014 में इमरान मसूद ने एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित बयान दिया था. इस मामले में सहारनपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने 21 अक्टूबर 2024 को आरोप तय किया था.
कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग
इसके बाद सांसद ने अदालत के निर्णय के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है. याचिका में उन्होंने आरोपों की वैधता और कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की है. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनावी रणनीतियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. मामले के वकील का कहना है कि पुनरीक्षण याचिका की सुनवाई जल्द ही होगी और सांसद अपने पक्ष में न्याय पाने की कोशिश करेंगे. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले अक्सर राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण सुर्खियों में रहते हैं और कोर्ट की प्रक्रिया में समय लग सकता है.
सहारनपुर जिले में यह मामला पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें देश के उच्चतम राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े विवादित बयान शामिल हैं. राजनीतिक विश्लेषक इसे स्थानीय और राष्ट्रीय राजनीति के बीच संतुलन बनाए रखने वाली संवेदनशील स्थिति भी मान रहे हैं. अभी तक अदालत ने मामले पर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है. सुनवाई की अगली तारीख जल्द ही निर्धारित की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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