BMW Accident: पटियाला हाउस कोर्ट ने वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी गगनप्रीत कौर की न्यायिक हिरासत की अवधि को 20 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है. कोर्ट दायर जमानत याचिका पर 20 सितंबर को भी सुनवाई जारी रहेगी.
वही कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेल को संरक्षित करने की मांग वाली अर्जी पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट गगनप्रीत की ओर से दायर अर्जी पर 18 सितंबर को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि एक्सीडेंट के मामले में पुलिस ने आईपीसी 304 (बीएनएस 105) में बदल दिया. पुलिस का कहना है कि इनकी गाड़ी में भी पूरा परिवार बैठा था, बच्चे और पति भी बैठे थे.
आईसीयू में भर्ती पर भी उठे सवाल
गगनप्रीत के वकील ने यह भी कहा कि क्या ये 304 (A) का मामला नहीं बनता, पुलिस दबाव में कुछ भी कर सकती है. पीड़ित के वकील ने घटनास्थल से दूर के अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर भी सवाल उठाया है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि गगनप्रीत इतनी घायल नहीं थी, जितना बताया जा रहा है. पीड़ित के वकील ने कहा कि जिस महिला को एडमिट करना था, उसे तो स्ट्रेचर में रख दिया गया और इन्हें खुद आईसीयू में एडमिट कर दिया. पांच घंटे बाद पता चला कि एमएलसी बना रहे हैं.
ये सीरियस एक्सीडेंट था, पुलिस को कॉल क्यों नही किया गया. बेस अस्पताल पास में था उसके बावजूद दूर के अस्पताल में भर्ती कराया गया. पिछली सुनवाई में नवजोत सिंह के वकील ने दिल्ली पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि मामले में पुलिस ने 10 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की है. जबकि आरोपी गगनप्रीत का कहना था कि उससे ये घटना अनजाने में और अचानक हो गई है. उसने खुद को मामले में बेगुनाह बताया है.
कोर्ट में पेशी के बाद भेजी गई रिमांड पर
गगनप्रीत की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास पाहवा ने दलील देते हुए कहा था कि वह दो नाबालिग बेटियों की.मां है. उनका.इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है. दुर्घटना के समय खुद उनके सिर में चोट लगी है. उन्होंने यह भी कहा था कि कौर ने जांच में पूरा सहयोग किया है. उनके देश छोड़कर भागने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई गुंजाइश नही है. बता दें कि 14 सितंबर को धौला कुंआ मेट्रो स्टेशन के पास बीएमडब्ल्यू हादसा हुआ था.
जिसमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी 52 वर्षीय नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गई थी. आरोप है कि बीएमडब्ल्यू कार गगनप्रीत कौर चला रही थीं. 15 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से गाड़ी चलाने और सबूत को मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के घर पर पैसे किया था, जहां कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया था.
नवजोत की पत्नी संगीता का आरोप है कि गगनप्रीत लापरवाही से बीएमडब्ल्यू कार चला रही थी, जिससे उसका नियंत्रण खो गया और कार बाइक से टकरा गई. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्होंने बताया कि होश आने पर एक कार की पीछे की सीट पर बैठी थी और उनके पति की सांसे चल रही थी. इस दौरान उन्होंने बार-बार नजदीकी अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें 19 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित न्यूलाइफ अस्पताल ले गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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