दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े साजिश के मामले में आरोपी देवांगना कलिता की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है. कलिता ने जाफराबाद में हुए दंगों से संबंधित मामले में डायरी को संरक्षित करने की मांग की थी. वही कोर्ट ने केस डायरी के पुनर्निर्माण की मांग को खारिज कर दिया है. जस्टिस रविंद्र डुडेजा 2 दिसंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. दायर याचिका पर दिल्ली पुलिस को पुलिस डायरियों को फिर से तैयार करने और संरक्षित करने के निर्देश देने की मांग की गई थी.
याचिका में दिल्ली पुलिस को पुलिस डायरियों को फिर से तैयार करने और संरक्षित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी. दिल्ली दंगों के एक मामले में देवांगना कलिता के खिलाफ जफराबाद पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है. कलिता की ओर से पेश वकील ने कहा था कि हमने पुनर्निर्माण और संरक्षण के लिए कहा. हमें चार्जशीट में प्रतियां मिली थी. दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि ये दस्तावेज पहले से ही सुरक्षित रखे गए हैं, कुछ का इस्तेमाल दूसरे मामले में किया गया हो सकता है. किसी भी स्तर पर आरोपी को इन दस्तवेज़ों का निरीक्षण करने की आवश्यकता नही होगी. आरोप के स्तर पर बयानों की सत्यता की जांच नहीं कि जा सकती.
वीडियो फुटेज पर विवाद
कलिता के वकील ने कहा था कि इन बयानों का इस्तेमाल मेरे खिलाफ मुकदमे के स्तर पर किया गया. कोर्ट में कलिता के वकील ने कहा था कि पुलिस डायरी कोर्ट के सामने हैं, आप ट्रायल कोर्ट को दिखा सकते है. वही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा था कि वह पुलिस डायरी के उन हिस्सों की तलाश कर रहे हैं, जिनमें न तो वह आरोपी है और न ही गवाह. कोर्ट ने कहा था कि आप ट्रायल कोर्ट के सामने यह भी दिखा सकते है कि पुलिस डायरी किस तरह से पूर्व में दिनांकित होती है. इससे पहले कलिता के वकील ने तर्क दिया था कि वीडियो फुटेज से चुनिंदा तस्वीरें निकाली गई हैं, जबकि आरोपियों को पूरी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई है.
उन्होंने आगे कहा था कि वीडियो से पता चलेगा कि जाफराबाद में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया था और आरोप लगाया है कि पुलिस चल रही जांच के बहाने वीडियो को रोक रही है. वकील ने यह भी बताया था कि विचाराधीन घटनाओं को चार साल बीत चुके हैं, फिर भी जांच अधूरी है. उन्होंने बताया था कि वीडियो को जब्ती की सूची और साक्ष्य की सूची दोनों में संदर्भित किया गया था. उन्होंने तर्क दिया था उनके पास दोनों समुदायों के फुटेज हैं, फिर भी वे दावा करते हैं कि हम अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए जिम्मेदार थे. वीडियो घटनाओं के वास्तविक क्रम को प्रकट करेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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