सुप्रीम कोर्ट से साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को झटका लगा है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया है.
विकास यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. 9 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है. विकास यादव ने अंतरिम जमानत के दौरान 5 सितंबर को शादी कर ली है.
पिछले महीनों कोर्ट ने विकास यादव को बीमार माँ की देखभाल करने के लिए कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दिया था. साथ ही कोर्ट ने नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा और अजय कटारा को उत्तराखंड सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया था.
दिल्ली पुलिस मुहैया कराएगी सुरक्षा
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर नीलम कटारा और अजय कटारा दिल्ली आते है तो, दिल्ली पुलिस उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगी. कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया था कि एम्स में भर्ती रहने के दौरान विकास यादव अपनी मां से नहीं मिल सकते है. घर आने के बाद ही वो मिल सकते है. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला केवल हत्या का है न कि जघन्यतम अपराध का. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा था कि इस मामले में आजीवन जेल में रखने की भी सजा नही दी जा सकती.
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-भारत एक्सप्रेस
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