महादेव सट्टा ऐप घोटाला मामले जेल में बंद सभी 12 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने सभी को जमानत दे दिया हैं. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने दी जमानत. सतीश चंद्राकर, अर्जुन यादव, चंद्रभूषण वर्मा, भीम सिंह यादव, अतुल सिंह, विश्वजीत राय चौधरी, भारत ज्योति, रितेश कुमार यादव, किशन लाल वर्मा, सुनील धामनी, नीतीश दिवान, राहुल वतके और अमित कुमार अग्रवाल को जमानत मिली है. ये सभी पिछले ढाई साल से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है.
आरोपियों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का मामला
सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल ने साल 2016 में महादेव बुक एप लांच किया था. शुरुआत में इस एप पर ऑनलाइन सट्टेबाजी होती थी, जिसपर क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन जैसे खेलों के साथ पोकर, तीन पत्ती, वर्चुअल गेम यहां तक की चुनाव को लेकर भी भविष्यवाणी पर दांव लगाया जाता था. दुबई से संचालित होने वाला यह एप जुआ गतिविधियों के लिए कुख्यात हो गया. सुनील दम्मानी के अलावा, उनके भाई अनिल दम्मानी, छत्तीसगढ़ पुलिस के सहायक उप निरीक्षक चंद्र भूषण वर्मा और रायपुर निवासी सतीश चंद्राकर को भी गिरफ्तार किया गया था.
मोहन नगर पुलिस स्टेशन में अवैध जुआ ऐप महादेव के खिलाफ 2022 में राज्य पुलिस की एफआईआर से ईडी का यह मामला जुड़ा हुआ है. ईडी के मुताबिक दम्मानी ब्रदर्स की एक ज्वैलरी शॉप और एक पेट्रोल पंप है और उनकी कथित तौर पर हवाला लेन-देन में भूमिका थी. EOW द्वारा सौपी गई रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ईडी ने एफआईआर दर्ज की थी.
इसमें ऐप के प्रमोटर रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल के अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल का नाम शामिल है. रवि उप्पल को भी पिछले साल दुबई से गिरफ्तार किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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